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आबकारी, पुलिस और शराब माफियाओं के गठजोड़ से पनप रहा अपराध!

जिले में आबकारी विभाग और पुलिस की शह पर चल रही शराब की अवैध ब्रांच अवैध ब्रांचों पर दिन-रात बिकती है अवैध शराब, जिससे बढ़ रहा अपराध
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अलवर

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Prem Pathak

•

Updated: 29 Jul 2020, 12:44 AM IST

आबकारी, पुलिस और शराब माफियाओं के गठजोड़ से पनप रहा अपराध!

आबकारी, पुलिस और शराब माफियाओं के गठजोड़ से पनप रहा अपराध!

अलवर. जिले में आबकारी विभाग, पुलिस और शराब माफियाओं के बीच गहरा गठजोड़ बना हुआ है। विभागीय अधिकारियों की शह पर शराब माफिया शहर, कस्बे और गांवों में जगह-जगह अवैध ब्रांच खोल 24 घंटे खुलेआम शराब बेच रहे हैं। इससे अवैध शराब कारोबारियों के बीच आपसी रंजिश और अपराध भी बढ़ रहे हैं।
अलवर जिले में 39 अंग्रेजी और 293 अंग्रेजी व देसी शराब की कम्पोजिट वैध दुकानें हैं, जिन्हें आबकारी विभाग की ओर से लाइसेंस जारी किया हुआ है। लेकिन इससे कहीं ज्यादा ठिकानों और दुकानों पर शहर, कस्बों, गांव और ढाणियों में अवैध रूप से शराब बेची जा रही है। देसी और अंगे्रजी/देसी शराब की कम्पोजिट दुकानों के ठेकेदारों ने विभागीय अधिकारियों से मिलीभगत कर अपने ठेका क्षेत्र की परिधि में जगह-जगह शहरी, कस्बों और ग्रामीण इलाकों अवैध ब्रांचें खोली हुई हैं। इन ब्रांचों पर दिन-रात अवैध रूप से शराब बेची जा रही है। जिससे इन इलाकों में नशे के कारण अपराध भी पनप रहे हैं।

सब जगह पहुंचती है मंथली
जिले में शराब की वैध दुकानें चलाने वाले सभी ठेकेदार आबकारी विभाग और पुलिस दोनों को मंथली देते हैं। इसकी एवज में वह अपने ठेका क्षेत्र की परिधि में कई जगह ठेके की ब्रांच खोल देते हैं। इसके बाद इन ब्रांचों पर ठेकेदार के आदमी दिनभर अवैध शराब बेचते हैं। आबकारी विभाग और सम्बन्धित थाना पुलिस की ओर से उनके खिलाफ कार्रवाई तक नहीं की जाती। जब आबकारी विभाग और पुलिस पर एक्साइज एक्ट की कार्रवाई करने का डंडा आता है तो भी यह ठेकेदारों से सेटिंग कर लेते हैं। एक या दो व्यक्ति गिरफ्तार कर थोड़ी मात्रा में शराब बरामद दिखा छोटा-मोटा केस बनाकर इतिश्री कर लेते हैं। इतना ही जो व्यक्ति ठेकेदार की बिना मर्जी के इलाके में शराब बेचता है उसके आबकारी या पुलिस तुरंत कार्रवाई कर देती है।

यूं पनपती है आपसी रंजिश
गांव और कस्बों में कुछ लोग अपने बाहुबल के बूते पर अवैध शराब का कारोबार करते हैं। ऐसे में जब इन इलाकों में वैध ठेकेदारों की ओर से ब्रांच खोली जाती है तो दोनों शराब माफियाओं के बीच शराब की अवैध बिक्री को लेकर रंजिश शुरू हो जाती है। ऐसी ही आपसी रंजिश के चलते सोमवार रात ततारपुर थाना इलाके रानोठ गांव में अवैध शराब की बिक्री को लेकर दो शराब माफिया गुट के लोगों के बीच झगड़ा हो गया। जिसमें चाकू के हमले से एक व्यक्ति की मौत गई तथा दो अन्य लोग घायल हो गए। इससे पहले 16 जून को हरसौली इलाके के बीबीरानी फाटक के समीप अवैध शराब माफियाओं के बीच झगड़ा हुआ था, जिसमें एक पक्ष की ओर से फायरिंग भी की गई।

कार्रवाई करते हैं
आबकारी निरोधक दल की ओर से जिले में अवैध रूप से ब्रांच खोलकर शराब बेचने वालों के खिलाफ सूचना मिलने पर समय-समय पर कार्रवाई की जाती रहती है। आगे भविष्य में भी इनके खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

- बनवारीलाल सिनसिनवार, जिला आबकारी अधिकारी, अलवर।