नगर पालिका चुनाव में आगामी 3 दिसम्बर तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। नाम वापसी में कम समय देख पालिका चुनाव लड़ रहे ज्यादातर प्रत्याशियों ने अपनी चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। प्रमुख पार्टियों के समक्ष सबसे बड़ी चुनौती अपनी ही पार्टी के उन बागी प्रत्याशियों को बिठाना है, जो कुछ दिन पहले तक उनके साथ ही टिकट की कतार में लगे थे, लेकिन टिकट लेने में विफल होने के बाद भी चुनाव मैदान में डटे हैं। हालांकि यह समस्या दोनों ही प्रमुख पार्टियों की है, लेकिन कांग्रेस में टिकट के दावेदार ज्यादा होने के कारण अब खतरा पार्टी के सामने बगावत का खतरा भी बड़ा है। वहीं भाजपा टिकट के कई दावेदार भी चुनावी रण में अभी ताल ठोक रहे हैं।