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जा​निए आबादी के आंकड़े अलवर के विकास काे कैसे झुठला रहे

एनसीआर में शामिल अलवर के विकास की दास्तां को आबादी के आंकड़े झुंठला रहे हैं। इसका कारण है कि एनसीआर में शामिल अलवर के आबादी के लक्ष्य तय समय में पूरे नहीं हो सके। अलवर में दिल्ली के बड़े कार्यालय, उद्योग एवं कम्पनियां नहीं आने से वहां की आबादी भी यहां स्थानांतरित नहीं हो सकी, जिससे अलवर की आबादी एनसीआर की उम्मीद अनुसार नहीं बढ़ सकी।

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अलवर

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Prem Pathak

Oct 22, 2023

जा​निए आबादी के आंकड़े अलवर के विकास काे कैसे झुठला रहे

जा​निए आबादी के आंकड़े अलवर के विकास काे कैसे झुठला रहे

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) स्थापना का लक्ष्य दिल्ली की बढ़ती आबादी का भार कम करने के लिए वहां की आबादी को आसपास के क्षेत्रों में स्थानांतरित करना था। इसके लिए एनसीआर में शामिल क्षेत्रों का तेजी से विकास कर वहां राजधानी दिल्ली के स्तर की सुविधाएं मुहैया करानी थी। एनसीआर में शामिल हरियाणा व उत्तर प्रदेश के शहरों का विकास हुआ तो वहां दिल्ली से आबादी स्थानांतरित हुई, लेकिन अलवर का अपेक्षित विकास नहीं हो सका। इसका नुकसान यह हुआ कि न तो यहां दिल्ली के बड़े उद्योग, कार्यालय व कम्पनियां शिफ्ट हो पाई और न ही दिल्ली की आबादी स्थानांतरित हो सकी। इस कारण अलवर में एनसीआर की ओर से तय वर्षवार आबादी के लक्ष्य भी पूरे नहीं हो सके।

एनसीआर में शामिल क्षेत्रों में रोजगार के स्रोत बढ़ाने के लिए इन क्षेत्रों में दिल्ली के बड़े उद्योगों, बड़े कार्यालयों एवं कम्पनियों को अलवर जिले में स्थानांतरित करना था। साथ ही दिल्ली से अलवर तक ट्रेन, सड़क व हवाई यातायात सुगम करना था। इसमें मेट्रो ट्रेन, रेपिड रेल एवं एयर कनेक्टिविटी की सुविधा मुहैया करानी थी। इसके साथ ही उच्च स्तरीय आवासीय सुविधा की व्यवस्था करनी थी। अलवर को एनसीआर में शामिल किए करीब चार दशक बीत गए, लेकिन यहां राजधानी दिल्ली स्तर की सुविधा तो दूर संभाग स्तर की सुविधाएं भी विकसित नहीं हो सकी। इस दौरान न बड़े उद्योग आए और न ही दिल्ली के बड़े कार्यालय। पर्यटन स्थल भी विकसित नहीं हो सके तथा यातायात सुविधा भी विकसित नहीं हो सकी। इसका परिणाम यह रहा कि राजधानी दिल्ली की आबादी को अलवर में स्थानांतरित करने का सपना अधूरा ही रह गया।
एनसीआर ने यह तय किए थे आबादी के अनुमान (लाख में)
क्षेत्र 2001 2011 2026 2021 2031

अलवर 2.66 3.22 3.55 5.35 7.60
ग्रेटर भिवाड़ी 1.52 3.51 5.33 8.09 13.00

शाहजहांपुर 2.32 3.00 3.41 5.35 10.00
नीमराणा

बहरोड़
राजगढ़ 0.25 0.27 0.29 0.41 0.52

थानागाजी 0.11 0.13 0.15 0.17 0.20

खैरथल 0.32 0.38 0.44 0.70 1.02

बानसूर 0.13 0.17 0.19 0.21 0.29

तिजारा 0.20 0.25 0.28 0.55 0.84

खेरली 0.22 0.18 0.19 0.35 0.45

दिल्ली से आने वाली आबादी लक्ष्य में शामिल

दिल्ली की आबादी शिफ्ट होने की उम्मीद में सरकार ने एनसीआर में शामिल शहरी क्षेत्रों के लिए वर्षवार आबादी बढ़ने के लक्ष्य निर्धारित किए। सरकार को उम्मीद थी कि दिल्ली के बड़े उद्योग, कम्पनियां एवं कार्यालय एनसीआर क्षेत्र में स्थानांतरित होंगे तो उनमें कार्यरत लोग भी वहां जाएंगे। इससे एनसीआर क्षेत्रों की आबादी बढ़ेगी। अलवर जिले की विकास की रफ्तार के हिसाब से तो आबादी बढ़ी, लेकिन राजधानी स्तर की सुविधाएं विकसित नहीं हो पाने से दिल्ली की आबादी स्थानांतरित नहीं हो पाई। एनसीआर के लक्ष्य और अलवर की आबादी मेंं अंतर का यही मुख्य कारण रहा।