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वंदे भारत एक्सप्रेस की उम्मीद जगी, रेल मार्ग कर रहे तैयार

अलवर. दिल्ली-जयपुर रेलवे ट्रैक पर अलवर होकर वंदे भारत एक्सप्रेस संचालित होने का सपना जल्द पूरा होने के आसार हैं। इस रूट पर वंदे भारत एक्सप्रेस के जल्द संचालन के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की तैयारी शुरू कर दी गई है।

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अलवर

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Prem Pathak

Mar 04, 2023

वंदे भारत एक्सप्रेस की उम्मीद जगी, रेल मार्ग कर रहे तैयार

वंदे भारत एक्सप्रेस की उम्मीद जगी, रेल मार्ग कर रहे तैयार


अलवर. दिल्ली-जयपुर रेलवे ट्रैक पर अलवर होकर वंदे भारत एक्सप्रेस संचालित होने का सपना जल्द पूरा होने के आसार हैं। इस रूट पर वंदे भारत एक्सप्रेस के जल्द संचालन के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की तैयारी शुरू कर दी गई है।

दिल्ली-जयपुर रेलवे ट्रैक को वंदे भारत ट्रेन की स्पीड के अनुसार तैयार किया जा रहा है। इसके लिए दिल्ली से जयपुर मार्ग के बीच पटरी बदलने व घुमाव को कम करने का कार्य प्रगति पर है। साथ ही सिग्नल्स सिस्टम को भी दुरुस्त किया जा रहा है।

दिल्ली- जयपुर ट्रैक है करीब 308 किमी

दिल्ली से जयपुर रेल मार्ग करीब 308 किलोमीटर लंबा है। इस ट्रैक पर वंदे भारत एक्सप्रेस का संचालन प्रस्तावित है। अभी रेल मार्ग से दिल्ली से जयपुर पहुंचने में करीब 5 से 6 घंटे का समय लगता है। लेकिन वंदे भारत एक्सप्रेस शुरू होने पर यह समय आधे से भी कम रहने की उम्मीद है।

अलवरवासियों को लाभ मिलने की उम्मीद

वंदे भारत एक्सप्रेस के संचालन से अलवरवासियों को दिल्ली व जयपुर के लिए तेज गति की ट्रेन की सुविधा मिलने की उम्मीद है। संभावना है कि इस ट्रेन का अलवर में ठहराव होगा। अलवर से दिल्ली व जयपुर के लिए प्रतिदिन कई हजार यात्री सफर करते हैं। इस ट्रेन के अलवर में ठहराव से लोग दिल्ली- जयपुर जा सकेंगे।

रह सकती है 160 किमी प्रति घंटा की रफ्तार

वंदे भारत एक्सप्रेस की रफ्तार 160 किमी प्रति घंटा रह सकती है। अभी यह ट्रेन अन्य मार्गों पर इसी रफ्तार से चल रही है। हालांकि आगामी दिनों में इस ट्रेन को 200 किमी प्रति घंटा की गति से चलाने की सरकार की योजना है। हालांकि दिल्ली- जयपुर रेल मार्ग पर ट्रेन की रफ्तार कितनी होगी, इसका फैसला अभी नहीं हुआ है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इस रेल मार्ग पर शुरुआत में ट्रेन की रफ्तार अन्य रूटों की तुलना में कम रहेगी। इसका कारण इस रेल मार्ग पर घुमाव ज्यादा होना है। रेलवे के अधिकारियों ने कहा कि दिल्ली- जयपुर रेल मार्ग पर अभी पटरी पर अधिकतम 130 से 140 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेन दौड़ सकती है। इस मार्ग पर चलने वाली डबल डेकर व शताब्दी एक्सप्रेस ट्रेन करीब 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से संचालित होती है। इस रेल मार्ग पर अभी करीब 52 एमएम की पटरी है। इन्हें बदलकर अब 60 एमएम मोटाई की पटरियां डालने का कार्य किया जा रहा है। दिल्ली से जयपुर की तरफ जाने वाली अप लाइन पर दिल्ली से अलवर तक पटरिया बदलने का काम पूरा हो चुका है। अभी अलवर से जयपुर के बीच काम चल रहा है। वहीं जयपुर से दिल्ली जाने वाली डाउन लाइन पर जल्द पटरी बदलने का काम शुरू होगा। पटरियों को आपस में जोड़ने के लिए ज्वाइंट भी अलग तरह के बनाए गए हैं। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्पीड का टेस्ट होगा।