
आभूषणों से श्रृंगारित भगवान जगन्नाथ की प्रतिमा
अलवर. भगवान जगन्नाथ को जैसे ही गर्भगृह से बाहर लाया गया, ढोल नगाडे और शंखनाद के स्वर गूंजने लगे। घंटे और घडिय़ाल बजने लगे। हर शख्स भगवान जगन्नाथ के मनोहारी रूप के दर्शन को आतुर था। यही तो एक समय होता है जब भगवान स्वयं मंदिर से बाहर आकर भक्तों को दर्शन देते हैं। भगवान जगन्नाथ के दूल्हे रूप की नजर भी उतारी गई। यह मौका था शनिवार की शाम को निकलने वाले भगवान जगन्नाथ की शोभायात्रा का। इसमें अलवर शहर से हीं नहीं बल्कि अन्य राज्यों से भी श्रद्धालु भगवान के दर्शनों को पहुंचे।
शनिवार शाम को सुहावने मौसम के चलते बादलों ने भी भगवान का स्वागत किया। इससे पूर्व मंदिर में जिला कलक्टर प्रकाश राजपुरोहित ने भगवान की पूजा अर्चना की। भगवान जगन्नाथ के मंदिर के बाहर भक्तों ने दर्शन किए और जय जगन्नाथ, जय जगदीश के जयकारे लगाए। हर तरफ धार्मिक आस्था का माहौल बना हुआ था। भक्त भगवान को अपलक निहारते दिखाई दिए । ऐसा लग रहा था जैसे सारा शहर जगन्नाथमय हो गया हो। इस अमूल्य क्षण को कैमरे में कैद करने की होड भी लगी रही। हर तरफ भक्तों की भीड़ ही दिखाई दे रही थी।
23 को रहेगा सरकारी अवकाश :
जिला प्रशासन की ओर से 23 जुलाई को जगन्नाथ मेले का अवकाश घोषित किया गया है। इस दिन सरकारी कार्यालय, स्कूल व कॉलेज बंद रहेंगे। मेले को लेकर स्कूली बच्चों में विशेष उत्साह है।
Published on:
22 Jul 2018 10:43 am
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