27 अक्टूबर 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

ट्रांसपोर्टरों ने सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा, इन मांगों को लेकर यूनियन ने की हड़ताल

ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल से थमे वाहनों के चक्के
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

अलवर

•

image

Prem Pathak

•

Updated: 21 Jul 2018, 1:12 PM IST

Alwar : Transporter strike, truck jammed

ट्रांसपोर्टरों ने सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा, इन मांगों को लेकर यूनियन ने की हड़ताल

अलवर ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के आह्वान पर गुरुवार मध्य रात्रि के बाद से पूरे देश में ट्रकों के पहिए थम गए हैं। इसका प्रभाव अलवर जिले में भी देखा जा रहा है। अलवर जिले में 15 हजार ट्रकों ने माल लाने-ले जाने का काम नहीं किया। अलवर की सभी ट्रांसपोर्ट यूनियन इस हड़ताल में शामिल है।
अलवर जिले में कई हजार ट्रकों के पहिए थम गए हैं। केडल गंज ट्रक आनर्स एसोसिएशन के सचिव सरदार हरजीत सिंह का कहना कि इस हड़ताल का कई दिन पहले आह्वान कर दिया था लेकिन सरकार ने उनकी मांगे नही मानी है। उनकी मुख्य मांगों में डीजल के दामों में कमी करने सहित कई मांगें शामिल हैं। इसको लेकर सरकार से हुई वार्ता भी फेल हो चुकी हैं। अब यह हड़ताल उनकी मांग पूरी नहीं होने तक चलेगी।
अलवर में प्रभाव: अलवर जिले में करीब 15 हजार ट्रक हैं जिन्होंने अन्य राज्यों में माल लाना-ले जाना बंद कर दिया है। अलवर जिले से कई राज्यों में ट्रकों के माध्यम से माल ढुलाई का काम होता है। यदि यह हड़ताल लम्बी चलती है तो इसका प्रभाव यहां के हजारों परिवारों पर पड़ेगा जिनकी मुख्य आजीविका ही ट्रक व्यवसाय है। इस हड़ताल से अलवर से जाने वाली सब्जी व अन्य सामान पर भी प्रभाव देखने को मिलेगा। इसी प्रकार दिल्ली व अन्य राज्यों से आने वाला माल भी महंगा हो सकता है।

-------------------------------------------------------------------

छात्र ने किया आत्मदाह का प्रयास, पुलिस ने पकड़ा

अलवर. राजषि भर्तृहरि मत्स्य विश्वविद्यालय में एक छात्र ने स्नातक परीक्षा का परिणाम घोषित नहीं होने पर पेट्रोल डालकर आत्मदाह का प्रयास किया। यह युवा काफी देर से आत्महत्या की धमकी दे रहा था। मत्स्य विश्वविद्यालय में नवलपुरा निवासी युवा अमित कुमार सुबह अपने ड्यू पेपर स्नातक द्वितीय वर्ष का परिणाम लेने के लिए आया था। इसका कहना था कि उसने बीएड पाठयक्रम में प्रवेश लेना है जिसकी फीस भी जमा करा दी है।
उसे शनिवार तक पास की मार्कशीट जमा कराने की छूट दी गई है। यदि यह अंकतालिका उसे नहीं मिली तो वह पेट्रोल डालकर आत्महत्या कर लेगा। यह युवा काफी देर तक विश्वविद्यालय परिसर में धमकी देता रहा। बाद में विश्वविद्यालय में तैनात पुलिस कर्मियों ने इसे पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। शिवाजी पार्क थाना पुलिस ने इसका मेडिकल कराया और इसे हिरासत में ले लिया।