इसके साथ ही यहां पर एक म्यान में दो तलवार भी रखी हुई है। कहावत है कि एक म्यान में दो तलवार नहीं रह सकती है। लेकिन यहां रखी तलवारे इस कहावत को गलत साबित कर रही है। इसके साथ ही रामचंगी बंदूक, अलवर राजवंश के राजाओं की तलवार फौलादी, पिस्तौल, भाले, तीर कमान, छुर्री, नागफांस के अलावा बंदूक, कमल गैन, तोप आदि शामिल है।