25 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अलवर में महंत की हत्या कर हरियाणा में फेंका शव, इलाके में फैली सनसनी

अलवर के बहरोड़ में महंत की हत्या कर शव को हरियाणा सीमा में फेंक दिया।

2 min read
Google source verification

अलवर

image

Prem Pathak

Jun 21, 2018

Alwar Monk murder and dead body throw in haryana

अलवर में महंत की हत्या कर हरियाणा में फेंका शव, इलाके में फैली सनसनी

बहरोड़. क्षेत्र के ग्राम गुर्जरवास स्थित नौ देवी दुर्गा मन्दिर के महंत सरजीत दास बैरागी की हत्या कर शव को हरियाणा के नायन क्षेत्र मे पटक दिया। हरियाणा पुलिस मामले की जांच कर रही है। आसपास के गांवों मे महंत की हत्या से शोक छा गया। जानकारी के अनुसार मंहत लगभग 15 साल से रहता था। वह मंगलवार शाम को भी मन्दिर पर देखा गया था। बुधवार सुबह उसका शव हरियाणा के नांगल चौधरी थाना क्षेत्र के ग्राम नायन के पास पड़ा हुआ था। जिसकी सूचना पर श्रद्धालु पहुंचे तथा पुलिस को सूचना दी।

जता रहे है संदेह

मंहत मन्दिर पर मंगलवार शाम को भी था और कुछ अन्य लोग भी जो नशा कर चिलम पी रहे थे। ग्रामीण ने संदेह जताया कि इसी दौरान उनमे आपस में विवाद हुआ होगा और मारपीट कर हत्या की। घटना को अन्जाम देकर बाद मे शव को हरियाणा मे पटक दिया होगा।

हरियाणा पुलिस कर रही है जांच

महंत का शव हरियाणा पुलिस के क्षेत्र मे मिला है। जिसकी वह जांच कर रही है। मन्दिर व आसपास के लोगों से जांच मे आवश्यक सहयोग प्रदान करवाया जाएगा।
जनेश तंवर, डीएसपी बहरोड़

हत्या के प्रयास के आरोप में आठ जनों को सजा

अपर जिला एवं सत्र न्यायधीश प्रवेन्द्रपाल सिंह ने बुधवार को हत्या के प्रयास के मामले मे आठ आरोपियों को 5-5 वर्ष का कठोर कारावास और 5-5 हजार रुपए अर्थ दण्ड की सजा सुनाई।

अपर लोक अभियोजक गुलाब सिंह के अनुसार शाहजहांपुर निवासी मीरा देवी ने 8 अक्टूबर 2015 को दर्ज करवाया था कि उसके पति रोहताश दुकान पर जा रहा था। रास्ते मे रोक कर गांव के ही ओमी उर्फ ओमप्रकाश सहित एक दर्जन से अधिक लोगों ने मारपीट कर लहुलुहान कर दिया। पुलिस ने हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर आठ लोगों के खिलाफ आरोप पत्र भेजा। सुनवाई के दौरान हत्या के प्रयास का दोषी मानते हुए ओमी उर्फ ओमप्रकाश, सुल्तान सिंह, सतीश उर्फ हेमंत, मनीष उर्फ चोल, गोविंद, पवन, सुनीता व पिंकी देवी को 5 वर्ष का कठोर कारावास और 5-5 हजार रूपए अर्थ दण्ड की सजा सुनाई गई।