18 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

हड़ताल से थमे रोडवेज बसों के पहिये, इन परेशानियों का किया यात्रियों ने सामना

https://www.patrika.com/alwar-news/

2 min read
Google source verification

अलवर

image

Prem Pathak

Jul 26, 2018

Alwar : Movement of roadways personnel

हड़ताल से थमे रोडवेज बसों के पहिये, इन परेशानियों का किया यात्रियों ने सामना

अलवर. विभिन्न मांगों को लेकर रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल के पहले दिन अलवर में रोडवेज बसों का संचालन पूर्णतया बंद रहा। बसों के नहीं चलने से मजबूरन यात्रियों को डग्गेमार वाहनों व लोक परिवहन बसों में यात्रा करनी पड़ी। सबसे अधिक परेशानी बच्चों व बुजुर्गों को उठानी पड़ी। बसों के इंतजार में उन्हें घंटों बैठा रहना पड़ा। इस दिन रोडवेज कर्मचारियों ने बस स्टैण्ड पर विरोध प्रदर्शन भी किया। पूरे दिन कर्मचारी बस स्टैण्ड व इसके आस-पास ही घूमते रहे। रोडवेज अधिकारियों की मानें तो बसों का संचालन बंद रहने से अकेले अलवर व मत्स्य नगर आगार को एक दिन में ही करीब 30 लाख रुपए के राजस्व से हाथ धोना पड़ा है।

करीब 60 बसें दूसरे स्टैण्डों पर कराई खड़ी

कर्मचाारियों की हड़ताल के चलते बसों को तोडफ़ोड़ से बचाने के लिए रोडवेज प्रशासन ने मंगलवार रात 12 बजे से पहले अपने गंतव्य स्थान पर रवाना हुई बसों को 12 बजते ही अगले स्टैण्ड पर खड़ा करा दिया। इससे इन बसों में बैठे कई यात्रियों को स्टैण्ड पर ही रात काटनी पड़ी। वहीं, बुधवार को जैसे-जैसे बसें रूटों से आती गई, उन्हें वर्कशॉप में खड़ा कराया गया। इसके चलते इस दिन बस स्टैण्ड परिसर सूना नजर आया। रोडवेज प्रशासन के अनुसार पहले दिन अलवर आगार की 30 व मत्स्य नगर आगार की 30 बसें लौटकर नहीं आई। उन्हें एहतियातन दूसरे स्टैण्डों पर खड़ा कराया गया।

वर्कशॉप पर लगाया ताला :

बसों को वर्कशॉप में खड़ा करा रोडवेज प्रशासन ने उस पर ताला जड़वा दिया। इस दिन हड़ताल के चलते रोडवेज बस स्टैण्ड पर बुकिंग विण्डो सहित अन्य कार्यालय बंद रहे। बस स्टैण्ड पर बड़ी संख्या में पुलिस बल भी तैनात रहा। अलवर में हड़ताल का पहला दिन शांति से गुजरा। बस, परेशान हुए तो यात्री।

डग्गेमार वाहनों की कुटी चांदी :

रोडवेज की हड़ताल से डग्गेमार वाहनों की चांदी कुट गई। इस दिन डग्गेमार वाहन ओवरलोड भरकर चले। कुछ स्थानों पर यात्रियों से अधिक किराया वसूलने की भी शिकायतें मिली। आमतौर पर यात्रियों को तरसने वाली लोक परिवहन निगम की बसें भी इस दिन खचाखच भरकर चली। दरअसल, रोडवेज बस स्टैण्ड पर प्रतिदिन लगभग 40 हजार यात्रियों की आवाजाही रहती है। इस दिन बसों के नहीं चलने से इन्हें प्राइवेट बसों में सफर करना पड़ा।

रेलवे स्टेशन पर उमड़ी भीड़ :

रोडवेज बसों की हड़ताल के कारण रेलवे स्टेशन सहित ट्रेनों में भीड़भाड़ रही। ज्यादातर यात्रियों ने लम्बी दूरी की यात्रा ट्रेनों में की। वहीं, हड़ताल के चलते कई यात्रियों ने अपनी यात्रा निरस्त कर दी। यात्रियों की आवाजाही नहीं होने से रोडवेज बस स्टैण्ड स्थित कई दुकानें बंद रही।

कर्मचारियों की हड़ताल के चलते रोडवेज बसों का संचालन पूर्णतया बंद रहा। इससे यात्रियों को परेशानी हुई। कुछ ने अपनी यात्रा निरस्त कर दी। जिन्हें नहीं पता था, वे स्टैण्ड पहुंचे। हड़ताल से राजस्व का नुकसान होना स्वाभाविक है।
मनोहर लाल शर्मा,
मुख्य प्रबंधक अलवर आगार