
लक्ष्मणगढ़. राजकीय आयुर्वेद औषधालय लक्ष्मणगढ़ के पास खुद का भवन नहीं है। ऐसे में सीएचसी के एक कमरे में संचालित किया जा रहा है। यहां परेशानी होने से कई रोगी औषधालय ही नहीं पहुंचते हैं। आलम यह है कि औषधालय में प्रतिदिन केवल 10 से 15 रोगी ही पहुंच पाते हैं।
आरोप है कि राजकीय आयुर्वेद औषधालय कहा संचालित है, इसकी जानकारी नहीं होने के चलते रोगी आयुर्वेद औषधालय नहीं पहुंच पाते हैं, जिसके चलते मात्र 10-15 रोगी ही अपने उपचार व दवा लेने के लिए पहुंचते हैं। क्षेत्र के अधिकतर लोगों को यह भी नहीं पता कि लक्ष्मणगढ़़ में आयुर्वेद औषधालय संचालित है। राजकीय आयुर्वेद औषधालय सरकारी अस्पताल के एक छोटे से कमरे में संचालित है। इसी कमरे में आयुर्वेद चिकित्सक, कम्पाउंडर बैठते हैं। इसी कमरे में आयुर्वेद दवा का स्टॉक है। इसी कमरे में रोगी को देखा जाता है। जगह के अभाव में रोगी व आयुर्वेद औषधालय के डॉक्टर व कम्पाउंडर को खासी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
10-12 रोगियों की ओपीडी-
राजकीय आयुर्वेद औषधालय के स्टाफ का कहना है कि 10-15 रोगियों की ओपीडी प्रतिदिन रहती ह, लेकिन हालत देखकर नहीं लगता कि इतने रोगी उपचार व दवा के लिए आयुर्वेद औषधालय पहुंचते होंगे। गौरतलब है कि राजकीय आयुर्वेद औषधालय के नाम कस्बे के कस्बे के किला परिसर के नीचे 342 वर्गगज जगह अलॉटमेन्ट है, लेकिन दशकों से भवन बनाने की कोई प्रकिया नहीं हुई। न तो सम्बंधित विभाग के अधिकारियों ने इस ओर ध्यान दिया और न ही प्रतिनिधियों ने इस ध्यान दिया है।
डॉक्टर का पद रिक्त
राजकीय आयुर्वेद औषधालय लक्ष्मणगढ़ में एक डॉक्टर व कम्पाउंडर की पोस्ट स्वीकृत है, जिसमें से डॉक्टर का एक पद लगभग तीन महीने से खाली है। ऐसे में राजकीय आयुर्वेद औषधालय एक कम्पाउंडर के भरोसे है। इधर ब्लॉक प्रभारी आयुर्वेद चिकित्सा विभाग डॉ. नवनीत जैन का कहना है कि आयुर्वेद औषधालय के लिए जगह अलॉटमेंट है। उप निदेशक कार्यालय की ओर से औषधालय भवन की स्थिति की रिपोर्ट मांगी गई थी। जगह का पट्टा उपनिदेशक कार्यालय भिजवा दिया है। जल्द ही स्वीकृत होने की उम्मीद है।
Published on:
06 Aug 2024 12:10 am
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