राजगढ़ क्षेत्र कला संगम राजगढ के तत्वावधान में श्रीराम जानकी वरमाला महोत्सव का आयोजन हुआ। जिसमें श्रद्धा का सैलाब उमड पडा। संस्था के सचिव जगमोहन शर्मा ने बताया कि राम बारात कस्बे की सैनी धर्मशाला से बैण्ड-बाजों के साथ कस्बे के मुख्य मार्गो से होती हुई चौपड बाजार पहुंची। इससे पहले राम बारात में आकर्षक झांकिया सजाई गई। जिसमें प्रभु श्री राम, लक्ष्मण, विश्वामित्र के साथ एवं भरत व शत्रुघ्न, गुरू वशिष्ठ के साथ महाराज दशरथ की झांकी सजाई गई। राम बारात के साथ बडी संख्या में श्रद्धालु पुरूष एवं व्यापारीगण नृत्य करते हुए चल रहे थे।
बारात को देखकर घरों की छत्तों से जगह-जगह मार्गो पर लोग पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। वहीं दूसरी ओर कस्बे के गांधी पार्क से बैण्ड-बाजों के साथ माता सीता पिता जनक के साथ कस्बे के गोविन्द देवजी मन्दिर पहुंची। जहां से माता सीता को पालकी में बैठाकर कस्बे के चौपड बाजार स्थित कार्यक्रम स्थल पर पहुंचाया गया। माता सीता के साथ सैकडों महिलाएं मंगल गीत गाते हुए चल रही थी।
कार्यक्रम स्थल पर पहुंचते ही श्रीराम व माता सीता ने एक-दूसरे को वरमाला पहनाई व दोनों परिवारों ने एक-दूसरे का माल्यार्पण कर स्वागत किया। वरमाला महोत्सव के अवसर पर सैकडों महिला-पुरूष इस आयोजन के साक्षी बने। इसके बाद कस्बे के गांधी पार्क स्थित रामलीला मंच पर सभी महिला-पुरूषों ने माता सीता के हाथ पीले कर कन्यादान किया।
सभी बारातियों एवं कस्बे के व्यापारीगणों को भोजन खिलाकर अभिनन्दन किया। इस मौके पर जय सियाराम व जानकी मैया के जयकारों से पूरा वातावरण गुंजायमान हो गया। इसके बाद प्रतिदिन की भांति रामलीला मंच पर सीता स्वयंवर की लीला का मंचन किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में संस्था के अध्यक्ष बृजेन्द अवस्थी, व्यवस्थापक अखिलेश वशिष्ठ, उपाध्यक्ष ऋतुराज मिश्रा, दीनदयाल बंसल, यशु कटारिया, अंशु कटारिया, पवन प्रधान, भोलू अलवरिया, कुलदीप शर्मा, गुलाब सैनी, सूर्य प्रकाश गुप्ता, गुलाब हलवाई, अजय शर्मा, मोहन बोहरा, पूरण जैमन, किशोर मुखर्जी, मुरारी लाल शास्त्री, की प्रमुख भूमिका रही।