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विभाग की लापरवाही ऐसी हाथ से गए 10 करोड़, अब जेब से खर्च करने होंगे 40 करोड़

यूआईटी ने हनुमान चौराहे से तूलेड़ा तक नाला बनवाने का प्रस्ताव बनाया , 39 करोड़

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अलवर

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Prem Pathak

May 17, 2018

alwar news : uit alwar


अलवर शहर में पानी की निकासी के लिए अमृत योजना के तहत मिला 10 करोड़ रुपया वापस होने के बाद जिम्मेदारों की नींद खुली है। समय पर चेत जाते तो हनुमान चौराहे से तूलेड़ा तक उसी बजट में नाला बन जाता। जिसके लिए अब यूआईटी पर 8.5 करोड़ रुपए का भार तो आ चुका है। भविष्य में भूगोर से तूलेड़ा तक नाला बनाने पर 39.36 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। इतनी राशि में 50 से 60 जगहों पर छोटी रोड बन जाती। एक तरह से विभागों के अधिकारियों की ढिलाई के कारण करीब दस करोड़ रुपए का अतिरिक्त भार यूआईटी या राज्य सरकार पर पडऩे जा रहा है।

अमृत योजना में मिले पैसे की डीपीआर नहीं बनी

अमृत योजना में अलवर शहर को सीवरेज, पानी, डे्रनेज, पार्क ट्रांसपोर्ट के अलग-अलग राशि आवंटित हुई थी। सीवरेज व पानी व पार्क के मद में प्राप्त राशि तो खर्च हो रही है। जबकि ड्रेनेज व ट्रांसपोर्ट का बजट वापस हो गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार ड्रेनेज के कार्य की डीपीआर समय पर नहीं बनी। जिसके कारण 10 करोड़ रुपए का बजट वापस हो गया। अब यूआईटी व नगर परिषद के अधिकारी एक दूसरे पर टाल रहे हैं। दोनों कह रहे हैं कि डीपीआर का कार्य उनका नहीं था। जबकि यूआईटी के अधिकारी साफ कह रहे हैं नगर परिषद ने समय पर डीपीआर बनाकर नहीं दी। अन्यथा या बजट वापस नहीं जाता।

अब यूआईटी 8.75 करोड़ में नाला बनवाएगी

अमृत योजना का बजट हाथ से जाने के बाद यूआईअी ने हाल में ट्रस्ट की बैठक में यह निर्णय किया कि हनुमान चौराहे से तूलेड़ा तक नाले का निर्माण यूआईटी कराएगी। जिस पर करीब 8.75 करोड़ रुपए खर्च होंगे। जिसकी स्वीकृति भी हो गई। एक तरह से अब यूआईटी को नाले पर अतिरिक्त बजट खर्च करना पड़ रहा है। इस राशि में केवल 3.5 किलोमीटर का नाला ही बनेगा। जबकि जरूरत भूगोर से तूलेड़ा तक नाला बनाने की है। जिस पर अनुमानित लागत करीब 39.36 करोड़ रुपए है।

यह कार्य नगर परिषद को मिला

अमृत योजना के तहत ड्रेनेज का कार्य कराने को लेकर नगर परिषद को जिम्मा मिला था। उन्हीें के स्तर पर डीपीआर बनाई जानी थी। बाद में यह पैसा वापस होने की सूचना मिली है।
पीके जैन, अतिरिक्त मुख्य अभियंता, यूआईटी अलवर