गुरुवार की मध्य रात को पत्रिका की टीम अलवर प्याज व सब्जी मंडी पहुंची। यहां चारों तरफ प्याज के कट्टे दिखाई दे रहे थे। यहां किसान तेज सर्दी में खुले आसमान के नीचे सोने को मजबूर थे। पत्रिका रिपोर्टर ने देखा कि बेरला के महेन्द्र, तिजारा के गांव जाट मलीट से आए असमुदीन , टपूकड़ा के रोशन लाल, पलखड़ी के अमरदीन, उमरैण के नरेश यादव सहित काफी संख्या में किसान खुले आसमान के नीचे सो रहे थे। इन्होंने बताया कि हम रात को प्याज छोडकऱ कहा जाए? यहां किसान भवन तो बंद है जिस पर तालें लगे हैं। मंडी में इतनी गंदगी थी कि वहां कुछ देर रुकना ही मुश्किल हो रहा था।