एनईबी थाना प्रभारी एवं पूर्व जिला साइबर सैल प्रभारी विजेन्द्र सिंह बताते हैं कि ठगबाज पुरानी योजना के आम होने के कारण नए-नए ट्रेंड अपना रहे हैं। अब इनका शिकार सोशल मीडिया पर अधिकतर समय बिताने वाले युवा हैं। आजकल ठगबाज चैटिंग एप और डेटिंग एप सहित अन्य प्लेटफार्म से युवाओं तक अपनी पहुंच बना रहे हैं। ये इंटरनेट कॉल या फर्जी नम्बरों से लोगों से बात करते हैं, जिसके कारण इनको पकडऩा थोड़ा मुश्किल हो जाता है। पुलिस और मीडिया द्वारा ऐसे मामलों में जागरूकता फैलाई जा रही है, परन्तु युवा फिर भी ऐसी ठगबाजी का शिकार हो रहे है।ऐसे में युवा सोशल मीडिया का उपयोग सकारात्मक रूप में करें। ऐसे लोगों से ही सम्पर्क में रहें, जो उनके परिचित हं और उनकी भी पुष्टि करें। अनभिज्ञ लोगों से अपनी प्राइवेसी सम्बन्धी बातें और दस्तावेज शेयर न करें।