
कल तक अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजता था, शर्मनाक हरकत की, अब खुद जेल में गया सब इंस्पेक्टर
अलवर. खेरली थाने में परिवादी महिला से बलात्कार के आरोपी थानेदार भरतसिंह को सोमवार शाम को पुलिस ने न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया तथा पीडि़ता के मजिस्ट्रेट के समक्ष 164 के बयान कराए गए। वहीं, इससे पहले प्रकरण में लक्ष्मणगढ़ सीओ को एपीओ तथा खेरली थानाप्रभारी और बलात्कार के आरोपी सब इंस्पेक्टर को निलम्बित कर दिया गया।
जिला पुलिस अधीक्षक तेजस्विनी गौतम ने बताया कि खेरली थाना परिसर स्थित सरकारी आवास में परिवादी महिला से थाने के सब इंस्पेक्टर भरतसिंह द्वारा बलात्कार करने के मामले में सोमवार को पुलिस ने न्यायालय के समक्ष पीडि़ता के धारा-164 के बयान कराए गए। शाम को आरोपी सब इंस्पेक्टर भरतसिंह जादौन को मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया। जहां से आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। पुलिस मुख्यालय ने प्रकरण के सुपरविजन में लापरवाही मानते हुए लक्ष्मणगढ़ सीओ अशोक चौहान को एपीओ किया है। वहीं, जयपुर रेंज आईजी हवासिंह घुमरिया ने आदेश जारी कर खेरली एसएचओ हनुमान सहाय और बलात्कार के आरोपी सब इंस्पेक्टर भरतसिंह जादौन को निलम्बित कर दिया है। वहीं, इस मामले में थाने के एचएम प्रकाश को रविवार रात को ही निलम्बित कर दिया था।
यह है प्रकरण
उल्लेखनीय है कि 26 वर्षीय महिला ने खेरली थाने में परिवाद दिया कि उसका पति उसे तलाक देना चाहता है और वह उससे तलाक नहीं लेना चाहती। इस संबंध में उसके पति को पाबंद किया जाए। इस मामले में कार्रवाई करने के बहाने 54 वर्षीय सब इंस्पेक्टर भरत सिंह जादौन ने परिवादी महिला को बुलाया। थाना परिसर स्थित सरकारी आवास में महिला के साथ दो, तीन और चार मार्च को लगातार तीन दिन तक बलात्कार किया। घटना के संबंध में पीडि़ता ने रविवार को पुलिस थाने में शिकायत दी। जिससे पुलिस महकमे में हडक़म्प मच गया। जयपुर रेंज आईजी हवासिंह घुमरिया और पुलिस अधीक्षक तेजस्विनी गौतम खेरली थाने पर पहुंचे। मामले में तुरंत एफआईआर दर्ज कर बलात्कार के आरोपी सब इंस्पेक्टर भरत सिंह जादौन निवासी दौसा को गिरफ्तार कर लिया।
जिस कमरे में बलात्कार हुआ, उसे नहीं किया सील
खेरली थाने में हुए बलात्कार के मामले में पुलिस की गंभीर लापरवाही सामने आई है। थाना परिसर स्थित जिस कमरे में बलात्कार की घटना हुई उसे पुलिस अधिकारियों ने खुला छोड़ दिया। उस कमरे के दरवाजे पर ना ताला लगाया गया और ना ही सील। शाम तक कमरे के दरवाजे पर कोई ताला नहीं लगा हुआ था। ऐसे में बलात्कार की घटना के तथ्यों से छेड़छाड़ की पूरी संभावना है।
उधर, इस बारे में पुलिस अधीक्षक तेजस्विनी गौतम का कहना है कि इस कमरे में प्लाई लगाकर दो पार्टेशन किए हुए हैं। अंदर वाले कमरे में बलात्कार की घटना बताई गई है। उस कमरे को सील किया हुआ है। वहीं, पुलिस अधीक्षक से बातचीत के तुरंत बाद इस कमरे के बाहर के दरवाजे पर ताला लगा दिया गया और किसी कमरे के आसपास भी नहीं जाने दिया गया।
शाम को पहुंची एफएसएल टीम
मामले में कार्रवाई के लिए एफएसएल टीम सोमवार शाम को खेरली थाने पहुंची। टीम ने थाना परिसर स्थित उस कमरे में गई जहां बलात्कार की घटना हुई। एफएसएल टीम ने घटनास्थल के हालात देखे और वहां कई साक्ष्य उठाए।
Published on:
09 Mar 2021 09:59 am
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