18 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

कागजों में गुम हुआ अलवर का सैनिक स्कूल, जमीन मिली, पर भवन नहीं बना

जिले का सैनिक स्कूल का सपना दस साल बाद भी अधूरा है। हल्दीना गांव में जमीन देखी और पूर्ववर्ती सरकार के समय जमीन निशुल्क आवंटित भी कर दी गई, लेकिन मामला कागजों में गुम हो गया है। अगर यह स्कूल खुलता तो अलवर ही नहीं, आसपास के अन्य जिलों को भी फायदा होता।

2 min read
Google source verification

अलवर

image

jitendra kumar

Mar 12, 2024

कागजों में गुम हुआ अलवर का सैनिक स्कूल, जमीन मिली, पर भवन नहीं बना

कागजों में गुम हुआ अलवर का सैनिक स्कूल, जमीन मिली, पर भवन नहीं बना

जिले का सैनिक स्कूल का सपना दस साल बाद भी अधूरा है। हल्दीना गांव में जमीन देखी और पूर्ववर्ती सरकार के समय जमीन निशुल्क आवंटित भी कर दी गई, लेकिन मामला कागजों में गुम हो गया है। अगर यह स्कूल खुलता तो अलवर ही नहीं, आसपास के अन्य जिलों को भी फायदा होता।

पूर्व केन्द्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह ने केन्द्र में यूपीए सरकार के दौरान वर्ष 2013 में हल्दीना सैनिक स्कूल खोलने की मंजूरी दी गई थी। जून, 2015 में अलवर कलेक्टर ने सैनिक स्कूल के लिए गांव हल्दीना में 23.59 हैक्टेयर भूमि चिन्हित की थी। लेकिन तत्कालीन राज्य सरकार और सैनिक स्कूल सोसायटी नई दिल्ली के मध्य निशुल्क जमीन आवंटन को लेकर बात नहीं बन सकी। इसके बाद प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनी और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सैनिक स्कूल खोलने के लिए अलवर जिले की मालाखेड़ा तहसील के हल्दीना गांव में मुफ्त जमीन आवंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। इस जमीन की कीमत 8.41 करोड़ रुपए आकी गई थी।

यह हुआ था एमओयू

अलवर जिले में सैनिक स्कूल की घोषणा के बाद सैनिक स्कूल सोसायटी एवं राज्य सरकार के बीच एमओयू हुआ था। इसके तहत जमीन व भवन निर्माण राज्य सरकार को तैयार करके देना था। स्कूल में शिक्षक एवं अन्य संसाधन सैनिक स्कूल सोसायटी की ओर मुहैया कराने थे। लेकिन सैनिक स्कूल के भवन निर्माण पर बात अटकी पड़ी है।

राजस्थान में तीसरा सैनिक स्कूल बनना था

राजस्थान में चित्तौड़ व झुंझुनूं के बाद तीसरा सैनिक स्कूल हल्दीना को मिला था। 21 जनवरी 2021 को सैनिक स्कूल सोसाइटी नई दिल्ली से हुए करार के आधार पर राज्य सरकार ने आरक्षित भूमि निशुल्क आवंटन करने की सहमति प्रदान की। बाद में प्रदेश में तीसरा सैनिक स्कूल मालाखेड़ा ब्लॉक में हल्दीना में स्थापित होने का मार्ग खुला। हालांकि दस साल बाद भी इस भवन की नींव तक नहीं लग पाई है।

सैनिक स्कूल के बारे में मुझे जानकारी नहीं है। सैनिक निदेशालय की ओर से हमारे पास कोई पत्रावली नहीं भेजी गई है।

देवी सिंह, एसडीएम, मालाखेड़ा, अलवर।

अलवर के राजनेताओं को सैनिक स्कूल निर्माण की गुत्थी को सुलझाना चाहिए, ताकि अलवर जिले के विद्यार्थियों को भी सैनिक स्कूल में पढ़ाई करने का मौका मिल सके। सैनिक स्कूल के लिए भूमि का भी आवंटन हो चुका है। अगर मंत्री और विधायक चाहे तो इसका काम शीघ्र ही शुरू हो सकता है।

सुनील चौधरी, सरपंच, हल्दीना