
अलवर से एक कविता रोज: मोहन से महात्मा गाँधी, लेखिका- बीना गुप्ता अलवर
*मोहन से महात्मा गांधी*
गुजरात के पोरबंदर में, बालक मोहन ने जन्म लिया
मोहन से महात्मा गांधी बनकर ,भारत देश को धन्य किया
समुद्र तट पर जाकर दांडी मार्च में, नमक कानून को तोड़ा था
खेतिहर मजदूर वर्ग का, भारत छोड़ो आंदोलन से नाता जोड़ा था
दक्षिण अफ्रीका में, बापू ने रंगभेद का अंत किया
स्वदेशी व स्वच्छता को, जन-जन की रग में घोल दिया
आजादी के खातिर गांधी ने सत्य ,अहिंसा का अस्त्र प्रयुक्त किया
200 वर्षों की ब्रिटिश गुलामी से ,भारत मां को मुक्त किया
नेल्सन मंडेला ,टॉलस्टॉय जैसे दिग्गज ,बापू तुमसे हैं प्रभावित
तुम्हारे आदर्शों पर चलकर ,सच्चे अर्थों में बापू करे तुम्हें सम्मानित
हे दिव्य पुंज !हे महाप्राण! तुम हो हर युग के दर्पण
बनकर पथ प्रदर्शक ,आलोकित कर दो जीवन दर्शन ।
*बीना गुप्ता (व्याख्याता)*
रा० यशवंत उ० मा० वि०,अलवर (राज०)
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Published on:
11 Oct 2020 07:29 pm
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