
अलवर में पुलिसकर्मियों के बलात्कार करने के मामले में SP तेजस्वनी गौतम से सीधे सवाल, जानिए क्या जवाब दिया
अलवर. जब रक्षक ही भक्षक बन जाए तो फिर समाज की स्थिति क्या होगी। इसका अंदाजा सहज ही लगा सकते हैं। पहले पुलिस एएसआई ने शादी का झांसा देकर महिला से यौन शोषण किया। अब खेरली थाने में ही थानेदार ने परिवादी महिला से बलात्कार कर डाला। इन घटनाओं ने अलवर की खाकी पर बदनामी का गहरा दाग लगा दिया है। इन दोनों घटनाओं को लेकर सोमवार को पत्रिका संवाददाता सुजीत कुमार ने जिला पुलिस अधीक्षक तेजस्विनी गौतम से विशेष बातचीत की।
पुलिस अधीक्षक से सीधी बात
सवाल : अलवर जिले में पिछले पांच दिन के दौरान पुलिसकर्मियों द्वारा बलात्कार की दो संगीन घटनाएं सामने आई है। इस बारे में आपका क्या कहना है?
जवाब : समाज के प्रति पुलिस की जिम्मेदारी आम आदमी से कहीं अधिक रहती है और कानून भी पुलिस पर बेहतर जिम्मेदारी फिक्स करता है। निश्चित रूप से ये दोनों घटनाएं काफी शर्मनाक हैं।
सवाल : खेरली थाने में परिवादी महिला से बलात्कार की घटना के बारे में क्या थाने के अन्य स्टाफ को पहले से पता था। क्या थाना पुलिस ने इस मामले को दबाए रखा, जो आईजी और आपको थाने पहुंचकर कार्रवाई करनी पड़ी?
जवाब : पीडि़ता ने थाने में जो पहली शिकायत दी थी वह सीधे ही आरोपी सब इंस्पेक्टर भरतसिंह को दी थी। उस बारे में भरतसिंह ने किसी को नहीं बताया। बलात्कार सम्बन्धी रिपोर्ट के बारे में थानाधिकारी ने तुरंत फोन कर उन्हें जानकारी दी। वह भी तुरंत मौके पर पहुंच गई थी। थाने वालों की इस मामले में कितनी लापरवाही रही इस सम्बन्ध में एएसपी ग्रामीण से जांच कराई जा रही है।
सवाल : बलात्कार के आरोपी सब इंस्पेक्टर को रातभर थाने के हवालात में न रखकर रीडर रूम में रखा गया। क्या यह नियमानुसार सही है?
जवाब : आरोपी सब इंस्पेक्टर को हवालात में डालने के वह स्वयं निर्देश देकर आई थीं। बिल्कुल उन्हें हवालात में ही रखना चाहिए था। यदि उन्हें हवालात में नहीं रखा गया तो उसकी जांच कर विधिवत कार्रवाई की जाएगी।
सवाल : खेरली की घटना से पांच दिन पहले अरावली विहार थाने के एएसआई रामजीत गुर्जर के खिलाफ भी एक महिला ने यौन शोषण का मामला दर्ज कराया था। इस मामले में क्या कार्रवाई चल रही है?
जवाब : एएसआई के खिलाफ यौन शोषण की शिकायत पर भी तुरंत ही प्रकरण दर्ज कर लिया गया था और एएसआई को लाइन हाजिर कर दिया गया था। एएसआई के खिलाफ जांच अधिकारी ने जुर्म प्रमाणित माना है। एएसआई को सस्पेंड कर दिया गया है। उसकी गिरफ्तारी शेष है, जो जल्द ही कर ली जाएगी।
सवाल : बलात्कार मामले में सब इंस्पेक्टर को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया और यौन शोषण के मामले में एएसआई की गिरफ्तारी के लिए पीडि़ता के 164 के बयान तक पुलिस ने
इंतजार किया। जिसके कारण आज एएसआई गैरहाजिर होकर फरार हो गया है। दोनों मामलों में पुलिस की कार्यप्रणाली अलग-अलग क्यों रही?
जवाब : देखिए, कई बार केस टू केस जो चीजें अलग-अलग होती हैं। केस के तथ्य क्या कहते हैं और फाइल पर साक्ष्य क्या हैं। उस हिसाब से गिरफ्तारी होती है। कानूनी रूप से जांच अधिकारी क्या बेहतर समझते हैं उस हिसाब से गिरफ्तारी होती है। यौन शोषण प्रकरण में एएसआई का जुर्म प्रमाणित माना जा चुका है। आज नहीं तो कल आरोपी एएसआई गिरफ्तार हो ही जाएगी।
Published on:
09 Mar 2021 08:54 am
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