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ट्रेन के आगे कूदे चौथे युव अभिषेक की मौत के साथ दफन हो गए यह रहस्य, अब केवल इस तरह खुल सकता है राज

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अलवर

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Hiren Joshi

Nov 24, 2018

Alwar Train Suicide Mystery Can Be Solve From Mobile Phone

ट्रेन के आगे कूदे चौथे युव अभिषेक की मौत के साथ दफन हो गए यह रहस्य, अब केवल इस तरह खुल सकता है राज

अलवर. शहर के शांतिकुंज के समीप दोस्तों के साथ ट्रेन के आगे छलांग लगाने वाले चौथे युवक अभिषेक मीणा की भी शुक्रवार सुबह जयपुर के दुर्लभजी अस्पताल में मौत हो गई। पुलिस ने शाम को उसका पोस्टमार्टम करा शव परिजनों को सौंप दिया। वहीं, घटना के तीन दिन बाद भी पुलिस चारों युवक की आत्महत्या के पीछे की असली वजह का पता नहीं लगा सकी है। जबकि घटना के चश्मदीद युवक राहुल और संतोष ने पुलिस को बयान दिया है कि ट्रेन के आगे कूदने से पहले सत्यनारायण ने नौकरी के तनाव को लेकर मरने की बात कही थी।
शातिकुंज कॉलोनी के समीप स्थित रेलवे ट्रैक पर 21 नवम्बर की रात रैणी के बहडक़ो कलां हाल फौजी का कुआं रूपबास अलवर निवासी मनोज (24) पुत्र रामभरोसी मीणा, बुचपुरी हाल श्रीराम कॉलोनी मालवीय नगर अलवर निवासी सत्यनारायण उर्फ डूटी (22) पुत्र बुल्याराम मीणा, रैणी के गांव बैरेर हाल शांतिकुंज निवासी ऋतुराज उर्फ ऋषि (17) पुत्र बाबूलाल मीणा और टोडाभीम-करौली के खेड़ी मेहड़ा हाल विवेकानंद नगर निवासी अभिषेक (22) पुत्र शिवदयाल मीणा ने ट्रेन के आगे छलांग लगा दी थी।

घटना के दौरान उसके साथी राहुल मीणा व संतोष मीणा भी मौजूद थे। हादसे में सत्यनारायण, ऋतुराज और मनोज की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अभिषेक गंभीर रूप से घायल हो गया था। जिसका जयपुर के दुर्लभजी अस्पताल में इलाज चल रहा था। गुरुवार को उसका ब्रेन डेड हो गया, जबकि हार्ट व शरीर के अन्य अंग काम कर रहे थे।
शुक्रवार सुबह सात बजे चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उधर, अरावली विहार थानाधिकारी हरिसिंह का कहना है कि युवक की मौत की सूचना मिलते ही पोस्टमार्टम कार्रवाई के लिए थाने से पुलिस टीम जयपुर रवाना कर दी गई।

मौत के साथ दफन हो गया रहस्य

पुलिस तीन दिन बाद भी घटना के पीछे असली वजह नहीं जा सकी है। इस सनसनीखेज हादसे का पूरा रहस्य अभिषेक को पता था, लेकिन उसकी मौत के साथ ये राज दफन हो गए हैं। हालांकि घटना के चश्मदीद राहुल और संतोष को भी पूरे घटनाक्रम का पता हो सकता है, लेकिन पुलिस अभी तक उनसे कोई राज नहीं उगलवा पाई है।

मोबाइलों में छिपे हैं राज

मृतक सत्यनारायण, मनोज, ऋतुराज और अभिषेक के मोबाइलों में घटना का पूरा राज छिपा हुआ है। यदि पुलिस इन सभी युवकों के मोबाइलों की गहनता से पड़ताल करे तो हादसे की असलियत सामने आ सकती है, लेकिन मामले में पुलिस की पड़ताल सुस्त बनी हुई है। तीन दिन में भी पुलिस मृतकों की मोबाइल कॉल डिटेल, फेसबुक अकाउंट और उनके साथी युवकों के बारे में गहनता से पड़ताल नहीं कर पाई है।