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कमरे के बाहर लिखा था रिश्वत न दें, जेईएन ने अंदर ठेकेदार से ली 20 हजार की रिश्वत, रंगे हाथों धरा गया

अलवर यूआईटी में कार्यरत जेईएन नवीन कुमार दुआ द्वारा 3 प्रतिशत के हिसाब से 20 हजार रुपए की रिश्वत मांगी गई थी ,एसीबी ने उसे गिरफ्तार किया।

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अलवर

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Lubhavan Joshi

Mar 16, 2021

Alwar UIT JEN Arrest While Taking Bribe From Contractor

कमरे के बाहर लिखा था रिश्वत न दें, जेईएन ने अंदर ठेकेदार से ली 20 हजार की रिश्वत, रंगे हाथों धरा गया

अलवर. भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने सोमवार को अलवर यूआईटी के जेईएन (कनिष्ठ अभियंता) को 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपी जेईएन ने पेंडिंग बिलों को पास करने की एवज में ठेकेदार से यह रिश्वत मांगी थी।

एसीबी अलवर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय सिंह ने बताया कि 2 मार्च को परिवादी ने एसीबी कार्यालय में शिकायत दी कि नगर विकास न्यास अलवर में उसके विभिन्न निर्माण कार्यों के 6-7 लाख रुपए के बिल पेंडिंग हैं। जिनको पास करने की एवज में जेईएन नवीन कुमार दुआ द्वारा 3 प्रतिशत के हिसाब से 20 हजार रुपए की रिश्वत मांगी जा रही है। सत्यापन में शिकायत सही पाए जाने पर एसीबी टीम ने ट्रैप कार्रवाई का जाल बुना। एसीबी टीम ने डीएसपी महेन्द्र मीणा के नेतृत्व में सोमवार दोपहर करीब एक बजे अलवर यूआईटी कार्यालय में ट्रैप कार्रवाई को अंजाम देते हुए 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते जेईएन नवीन कुमार दुआ (36) पुत्र नत्थीलाल पंजाबी निवासी पायल मैरिज होम के सामने दिल्ली रोड रामगढ़ को गिरफ्तार कर लिया। रिश्वत राशि जेईएन के जींस की पीछे की बांयी जेब से बरामद की गई।

एसीबी टीम को देखकर दीवार कूदकर भागा, पकड़ा गया

परिवादी ठेकेदार ने कमरे में जाकर जेईएन नवीन दुआ को 20 हजार रुपए की रिश्वत दी। जिसे जेईएन ने अपनी जींस की पीछे की जेब में रख लिया। इसके बाद परिवादी ने बाहर आकर एसीबी टीम को इशारा किया। इस पर एसीबी टीम यूआईटी के अंदर पहुंची। एसीबी की कार्रवाई की भनक लगते ही रिश्वत का आरोपी जेईएन पीछे के गेट से निकलकर दीवार कूदकर स्कीम-एक कॉलोनी में भागा, लेकिन एसीबी टीम ने पीछे दौडकऱ उसे तुरंत दबोच लिया।

पहले भी ले चुका है 50 हजार रुपए की रिश्वत

परिवादी ठेकेदार ने एसीबी को दी शिकायत में बताया कि जेईएन नवीन दुआ इससे पूर्व भी बिलों के भुगतान की एवज में दो बार 25-25 हजार रुपए की रिश्वत ले चुका है।

पास में लगा था रिश्वत न देने का बोर्ड

जेईएन नवीन दुआ ने जिस कमरे में बैठकर रिश्वत ली, उसके बाहर ही कुछ दूरी पर यूआईटी सचिव के चैम्बर के पास रिश्वत न देने का चेतावनी बोर्ड लगा हुआ है। इसके बाद भी भ्रष्ट अधिकारी ने अपने कक्ष में बैठकर रिश्वत ली और धरा गया।

कोरोना काल से पहले के बिल

जानकारी अनुसार ठेकेदार के बिल कोरोना संक्रमण काल से पहले के हैं। तीन प्रतिशत कमीशन राशि नहीं मिलने के कारण जेईएन ने इन बिलों को अब तक पास नहीं किया था।

कार्रवाई से अधिकारी भी बाहर नहीं जा सके

एसीबी की कार्रवाई के दौरान यूआईटी के अधिकारी और कर्मचारी कार्यालय से बाहर नहीं जा सके। कार्रवाई के दौरान मुख्य गेट बंद करवा दिया था। इस कारण लंच के समय अधिकारी/कर्मचारी बाहर नहीं जा पाए। दफ्तर में कर्मचारी आपस में यही चर्चा करते रहे। कार्रवाई के दौरान यूआईटी परिसर खाली नजर आया।

परिवादी का नाम गोपनीय रखा

जेईएन नवीन दुआ के खिलाफ यूआईटी के एक ठेकेदार ने ही रिश्वत मांगेन की शिकायत एसीबी को दी, लेकिन ठेकेदार ने एसीबी अधिकारियों को उसका नाम गोपनीय रखने के लिए कहा था। इस कारण एसीबी ने परिवादी ठेकेदार का नाम उजागर नहीं किया। एसीबी कार्रवाई के दौरान यूआईटी के अधिकारी और कर्मचारी भी इसी बात की चर्चा करते रहे कि आखिर किस ठेकेदार ने शिकायत दी।