
आखिरकार बंद हुआ अलवर का यह विवादित बैंक, उपभोक्ताओं को इस तरह मिलेगी राशि
अलवर. नोटबंदी के दौरान करीब 16 करोड़ रुपए के घोटाले से देश भर में चर्चा में आए अलवर अरबन को-ऑपरेटिव बैंक का लाइसेंस निरस्त करने के बाद अब बैंक बन्द हो गया है। केवल जमा पैसा उपभोक्ताओं को मिलेगा जिसके लिए अवसहायक नियुक्त कर दिया है। इस पद पर दी अलवर सेन्ट्रल को-ऑपरवेटिव बैंक के प्रबन्ध निदेशक मदनलाल गुर्जर को लगाया है। अब आगे उपभोक्ताओं की जमा राशि देने की व्यवस्था की जाएगी जिनको ऋण दिया हुआ है वो जमा होगा।
रिर्जव बैंक ऑफ इण्डिया ने पांच जुलाई को अलवर अरबन को-ऑपरटिव का बैंक का लाइसेंस निरस्त कर दिया था। उसके बाद अब सहकारिता विभाग ने बैंक में अवसहायक लगाया है। मतलब अब उपभोक्ताओं को बैंक में जमा राशि अवसाहयक के जरिए प्राप्त हो सकेगी। करीब 8 हजार उपभोक्ताओं वाले इस बैंक में नोटबंदी के समय 2016 में करीब 16 करोड़ रुपए का घोटला सामने आया था। उसके बाद से मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय, सीबीआई, एसओजी, सीआईडी, अलवर पुलिस व सहकारिता विभाग सहित कई एजेंसी जांच कर रही है। रिजर्व बैंक ने सब परिस्थितियों को देखते हुए बैंक का लाइसेंस निरस्त कर दिया। इसके बाद उपभोक्ताओं की नींद उड़ी पड़ी है। उन उपभोक्ताओं के लिए जरूरी राहत भरी खबर है कि जिनका एक लाख रुपए से कम बैंक में जमा है।
यह बीमा राशि मिलेगी
रिर्जव बैंक ऑफ इण्डिया में एक लाख रुपए तक उपभोक्ताओं की बीमा राशि होती है। जो ग्राहकों को बैंक के जरिए मिल सकेगी। इसके अलावा शेष राशि में अधिक विलम्ब हो सकता है। कई उपभोक्ताओं की तो पूरे जीवन की कमाई बैंक में जमा थी। जो न हीं मिल सकी है।
अवसहायक करेगा पैसे देने की व्यवस्था
अवसहायक लगाने से बैंक के करीब 7.5 हजार उपभोक्ताओं को एक लाख रुपए तक का भुगतान किया जाएगा जिनका एक लाख रुपए से अधिक जमा है उनको भी एक लाख मिलेगा और जिनका एक लाख से कम जमा है उनको पूरी राशि मिल सकेगी। यह कार्य अवसहायक की देखरेख में होगा। इसके अलावा अवसहायक जिन पर ऋण है उनसे वसूली कर जमाकर्ताओं को देने की व्यवस्था करेगा।
मिल गए आदेश
अवसहायक लगाने के आदेश मिल गए हैं। संभवतया सोमवार को पद भार ग्रहण कर लेंगे। पहले पूरी स्थिति जानेंगे। फिर आगे की पक्रिया को बढ़ाएंगे।
मदनलाल गुर्जर, प्रबन्ध निदेशक
Published on:
14 Jul 2018 09:35 am
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