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अलवर जिले के बांध तरस रहे पानी को, प्रशासन की इस लापरवाही से हो रहा है यह हाल

बांधों तक नहीं पहुंच रहा पानी

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अलवर

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Prem Pathak

Jul 20, 2018

Alwar : Water not reaching the dams even after good rain

अलवर जिले के बांध तरस रहे पानी को, प्रशासन की इस लापरवाही से हो रहा है यह हाल

अलवर. जिले में बांधों के रास्तों पर अतिक्रमण ने बारिश के दौरान उनमें आने वाले पानी की राह रोक रखी है। स्थिति ये है कि अच्छी बारिश के बाद भी बांधों तक पानी नहीं पहुंच रहा है। इसका परिणाम ये है कि डेढ़ दशक से जिले के लगभग डेढ़ दर्जन बांध सूखे पड़े हैं। इनमें कई बांध तो ऐसे हैं जिनमें बारिश के दौरान एक बूंद भी पानी नहीं पहुंचा। वहीं, कुछ में एकाध इंच पानी पहुंचा, लेकिन वह कुछ ही दिनों में सूख गया। इसके बाद बांध फिर से खाली हो गया।
सबसे विकट स्थिति जिले के सबसे बड़े बांधों में शुमार जयसमन्द की है। पिछले डेढ़ दशक से बांध में पानी नहीं आने से इसकी पाल (दीवारों) जगह-जगह दरारें आ गई हैं। ऐसी ही स्थिति राजगढ़ क्षेत्र के धमरेड़ बांध की है। यह बांध जर्जरावस्था में पहुंच चुका है। बांध की पाल के पत्थर उखड़ गए हैं। इसकी मोरी को भी लोग उखाड़ ले गए हैं। बांध में रिसाव होने से इसमें पानी ठहरता नहीं है। ऊपरा व नाले पर भी अतिक्रमण है। ऐसी ही स्थिति देवती बांध की है। बांध में अवैध बोरिंगों के चलते पानी ठहरता नहीं है। इसके अलावा जिले के अन्य बांध भी पानी के अभाव में धीरे-धीरे जर्जर हो रहे हैं।

ये बांध हैं सूखे

जैतपुर, रामपुर, सिलीबेरी, धमरेड़, बिगोती, देवती, लक्ष्मणगढ़, तुसारी, झिरोली, खानपुर, निम्बाहेड़ी, सारनखुर्द, ढकवासन, बिटौली, आमका, बावरिया, हरसौरा।

फैक्ट फाइल

जिले में इन-इन साल हुई अच्छी बारिश, फिर भी सूखे बने रहे बांध
वर्ष बारिश ये बांध रहे सूखे
2003 औसत से अधिक आमका, बिटौली, रामपुर
2005 औसत से अधिक ढकवासन, धमरेड़
2008 औसत से अधिक रामपुर, धमरेड़, देवती, झरोली, खानपुर, ढकवासन, बिटौली
2010 औसत से अधिक हरसौरा, रामपुर, धमरेड़, देवती, बिगोता, खानपुर
2013 औसत से अधिक हरसौरा, रामपुर, धमरेड़, देवती, बिगोता,ढकवासन, बिटौली
2016 औसत से अधिक रामपुर, सिलीबेरी, बिगोता, आमका, बिटोली, ढकवासन, निम्बाहेड़ी

अतिक्रमण चिह्नित कर मामले दर्ज कराएंगे

बांधों में पानी नहीं आने के कई कारण है। कुछ बांधों के आस-पास एनीकट बन गए हैं। वहीं, कुछ के रास्तों में अतिक्रमण है। अब सभी सहायक अभियंताओं को पत्र लिखकर अतिक्रमणों को चिह्नित कर अतिक्रमियों के खिलाफ मामला दर्ज कराने के निर्देश दिए जाएंगे।
राजेश वर्मा, अधिशासी अभियंता सिंचाई विभाग अलवर