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सुर्खियों में रहता है अलवर का रामगढ़ क्षेत्र, लेकिन जानिए कितना हुआ यहां विकास

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अलवर

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Hiren Joshi

Nov 28, 2018

Analysis Of Ramgarh Assembly Seat Of Alwar

सुर्खियों में रहता है अलवर का रामगढ़ क्षेत्र, लेकिन जानिए कितना हुआ यहां विकास

अमित शर्मा

रामगढ़. रामगढ़ में 20 जुलाई 2018 की रात गौतस्करी के शक में हरियाणा के कोलगांव निवासी रकबर नाम के शख्स की पिटाई की गई थी। मोबलिंचिंग की इस घटना में पुलिस का भी शर्मनाक चेहरा सामने आया था। 5 माह पहले 21 जुलाई की रात को ये हुआ था। रामगढ़ थाने से सात किलोमीटर दूर ललावंडी के उस खेत में पहले मोब लिंचिंग हुई। फिर पुलिस को सूचना दी गई। तब रकबर को पुलिस ने धूल में सना पाया, पानी से नहलाया फिर जीप में बिठाया। मरापीट के दौरान ही रकबर का साथी असलम अंधेरे का फायदा उठाकर भाग छूटा था। उसी रात रकबर की मौत हो गई थी। सुबह पूरे देश में रामगढ़ की ये घटना सुर्खियों में छा गई। सरकार ने पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की। तीन युवक हिरासत में लिए गए।

पानी में फ्लोराइड

रामगढ़ में पानी में फ्लोराइड से परेशान लोग अपने पीले दांत दिखाते हैं। यहां दूर गांव-ढाणियों से लेकर बड़े कस्बों में भी यह समस्या आम है। फ्लोराइड के चलते लोगों को स्वास्थ्य संबंधी कई समस्याएं हो रही हैं। रामगढ़ कस्बे के अधिकांश लोग इन समस्याओं से परेशान दिखे। औरत, मर्द दोनों। पीने का मंहगा पानी (आरओ वाटर) यहां उपलब्ध है, पर महंगा होने के कारण सबकी पहुंच में नहीं है। क्षेत्र में यह बड़ी समस्या है।

घटना के 5 माह बाद अब मामले की जांच चल रही है। पिटाई करने वाले तीनों आरोपित अभी भी जेल में हैं, लाइन हाजिर पुलिसकर्मी अभी भी पुलिस लाइन में ही हैं। जिन दो गायों को लेकर पूरा फसाद हुआ, उनमें एक काली एक भूरी गाय थी. गोशाला में उसमें से एक गाय की मौत हो चुकी है। हम जयपुर से अलवर होते हुए रामगढ़ पहुंचे। यहां से सात किलोमीटर दूर लालवंडी के उस खेत में गए जहां मॉब लिंचिंग हुई थी। क्षेत्र में दौरा किया और जमीनी हकीकत, आमजन की मुश्किल जिंदगी को जाना।

स्वास्थ्य सुविधाओं का बुरा हाल

रामगढ़ में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का हाल बुरा है। थोड़ा सा मामला बिगड़ा नहीं कि हो जाता है मरीज अलवर रैफर। महिला डॉक्टर न होने से कई बार प्रसव तक पुरुष डॉक्टरों के हाथों होते हैं, पर ये यहां के लिए सामान्य बात है। स्थानीय स्वास्थ्य केंद्रों में सुविधाएं नहीं के बराबर हैं।

कॉलेज तक नहीं

रामगढ़ देशभर में भले ही सुर्खियों में रहे लेकिन यहां राजकीय कॉलेज नहीं है। हर बार चुनावों में इस मुद्दे पर बात जरूर होती है लेकिन बाद में स्थिति वही बन जाती है। विधानसभा क्षेत्र के एक अन्य बड़े कस्बे गोविंदगढ़ में कॉलेज है। वहां भी स्टाफ की समस्या रहती है।

नगरपालिका नहीं
रामगढ़ कस्बे में अब तक नगरपालिका नहीं है। यहां ग्राम पंचायत है। नगरपालिका के लिए हर चुनाव में मांग जरूर उठती है।

बस अड्डा नहीं

रामगढ़ में बस अड्डा नहीं है। यहां से निकलने वाली बसें बाजार में ही रुकती हैं। बस अड्डे की मांग भी लंबे समय से रही है लेकिन पूरी नहीं हो पाती है।

रामगढ़ की जनता के पत्रिका के जरिए सवाल, नेताओं के जवाब

सवाल- आपका टिकट रकबर मामले के कारण कट गया, बागी हुए वापस पाटीज़् में आए ?
ज्ञान देव आहूजा (मौजूदा बीजेपी विधायक)- नहीं मेरा टिकट रकबर मामले या उससे जुड़े बयानों के कारण नहीं कटा. टिकट कटने का कारण कुछ और है और उसका निवारण कुछ और है।

सवाल- रामगढ़ के लोगों को डर है कि रकबर का मुद्दा चुनावी हवा बिगाड़ सकता है ?
साफिया खान (कांग्रेस उम्मीदवार)- देखिए मुद्दा, कोट में विचाराधीन है. इस पर मैं कुछ नहीं कहूंगी. 36 कौमों का साथ कॉन्ग्रेस के साथ है, लोग हमें ही वोट देंगे।

सवाल- रामगढ़ में लोगों को डर है चुनाव में फिर हिन्दू-मुस्लिम दाव खेला जाएगा, आपका क्या कहना है ?
सुखवंत सिंह (भाजपा उम्मीदवार)- (खामोशी)... (10 सैकेंड बाद फोन काट दिया) अभी ज्ञानदेव आहुजा के भाजपा में शामिल होने के बाद उन्होंने इनके समर्थन में काम शुरू कर दिया है।

2013 चुनाव का रिजल्ट
ज्ञानदेव आहूजा
(बीजेपी)- 73,842
जुबेर खान
(कांग्रेस)- 69,195
फजरू खां (बीएसपी)- 7790

2008 चुनाव का रिजल्ट
ज्ञानदेव आहूजा
(बीजेपी)- 61,493
जुबेर खान
(कांग्रेस)- 45,411
फजरू खां (बीएसपी)- 8129

रामगढ़ में मतदाता
235598