अलवर के हैदर अली ने एनजीटी में दायर याचिका में कहा था कि क्रिकेट स्टेडियम सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के पानी का सिंचाई में प्रयोग न करके ग्राउंड वाटर का प्रयोग कर रहे हैं। इसी को लेकर कोर्ट ने केंद्रीय भूजल प्राधिकरण के नेतृत्व में कमेटी बनाई और सभी स्टेडियम से बोरवेल की स्थिति, भूजल निकासी की सीमा, बोरवेल के लिए अनुमति, एसटीपी उपचारित जल के उपयोग की स्थिति, स्टेडियमों में स्थापित वर्षा जल संचयन प्रणाली की स्थिति और लगाए गए पर्यावरण मुआवजे की जानकारी मांगी थी। प्राधिकरण ने 16 स्टेडियम की जानकारी साझा की, लेकिन उसमें भी समुचित जानकारी नहीं थी। अब इन स्टेडियम की जानकारी आने के बाद अगली सुनवाई 17 जुलाई को होगी।