
सफाई टेंडर में फिर पेच...डीएलबी ने कहा- टेंडर में टर्नओवर अलग-अलग क्यों
सवा साल बाद नगर निगम सफाई का टेंडर करने जा रहा था, लेकिन उसमें भी पेच फंस गया है। टेंडर में मनमानी फर्म को लाभ देने के आरोप लगे तो डीएलबी ने इस पर जांच बैठा दी और स्थानीय निकाय विभाग के उप निदेशक से तीन दिन में रिपोर्ट तलब की है। डीएलबी ने कहा है कि निविदा कर्ताओं का टर्नओवर अलग-अलग क्यों है ?
नगर निगम की ओर से सफाई का टेंडर अब तक नहीं किया गया। दो बार बीच में प्रयास हुए, लेकिन सफलता नहीं मिल पाई। इस बार टेंडर लगाया गया तो डीएलबी ने जांच बैठा दी। डीएलबी निदेशक सुरेश कुमार ओला ने उप निदेशक स्थानीय निकाय को पत्र लिखा है कि सफाई कार्य के लिए जारी निविदाओं में एक में एक करोड़, जबकि दूसरी निविदा में 4 करोड़ का टर्नओवर चाहा गया है। निविदा शर्तों में 300 सफाई कर्मियों की आपूर्ति का एकल आदेश चाहा गया है। इन ङ्क्षबदुओं पर रिपोर्ट दें।
सफाई का बजट बढ़ाकर किया गया 46 करोड़
नगर निगम ने हाल ही में बोर्ड बैठक में सफाई का बजट बढ़ाकर सालाना 46 करोड़ कर दिया है। इस बजट में नाला सफाई से लेकर अन्य कार्य भी शामिल हैं। कुछ पार्षदों का कहना है कि निगम में सफाई का टेंडर वर्षों से एक खेल के तहत जारी हो रहा है। पार्षद खुद इस व्यवस्था में शामिल हैं। उनके रिश्तेदारों से लेकर कई ने टेंडर लिए हुए हैं। निगम की ओर से इस बार गाइडलाइन कठोर बना दी गई, जिसमें काम कर रही फर्म पिछड़ रही हैं। बताते हैं कि इन सभी को देखते हुए फिर से पेच फंसाया जा रहा है। नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने सभी कार्य सही किए हैं। आरोप गलत हैं।
ये रकम थी आवंटित
टेंडर के तहत 14.54 करोड़ रुपए से संवेदक के माध्यम से निगम क्षेत्र की संपूर्ण सफाई व्यवस्था होगी। कचरा परिवहन कार्य भी इस राशि से होगा। इसी तरह शहर के बड़े नालों की सफाई का कार्य 2.50 करोड़ से होगा। निगम क्षेत्र के 168 मूत्रालयों की सफाई का काम 60 लाख व 29 शौचालयों की सफाई 20 लाख से होगी। अधिकांश राशि 15वें वित्त विभाग की ओर से दी जाएगी। 28 करोड़ रुपए निगम के स्थाई कर्मचारियों को वेतन के रूप में दिए जाएंगे।
Published on:
26 Feb 2024 07:13 pm
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