
भगवान जगन्नाथ व अलवर की संस्कृति को जानने के लिए हजारों बच्चे हुए एकजुट, किया यह काम
अलवर. राजस्थान पत्रिका और जगन्नाथ मंदिर मेला कमेटी की ओर से बीएल पब्लिक स्कूल नयाबास में मंगलवार को आयोजित ‘अपना अलवर- अपनी संस्कृति ’ प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में जिले के विभिन्न विद्यालयों के सैकड़ों विद्यार्थियों ने शिरकत की। विद्यार्थियों को अपनी संस्कृति के प्रति जानने की उत्सुकता थी।
प्रतियोगिता का उद्घाटन भाजपा जिलाध्यक्ष पंडित धर्मवीर शर्मा, जगन्नाथ मंदिर के महंत देवेन्द्र शर्मा और बीएल पब्लिक स्कूल के निदेशक सुनील बिल्खा ने मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष द्वीप प्रज्वलित करके किया। इस मौके पर मुख्य अतिथि भाजपा जिलाध्यक्ष शर्मा ने कहा कि प्रकृति के अनुकूल कार्य करना ही संस्कृति है। हमारे मन के भाव अच्छे हैं तो यह हमारे संस्कार हैं। यदि कोई व्यक्ति या समाज मात्र अपना पेट भरने की चिंता कर रहा है तो यह चिंताजनक है। शर्मा ने कहा कि वर्तमान में नई पीढ़ी सुसंस्कारों से दूर होती जा रही है, जिसका कारण संयुक्त परिवारों का विघटन और अन्य कई कारण है।
राजस्थान पत्रिका ने अपना अलवर- अपनी संस्कृति जैसे कार्यक्रम आयोजित कर पुनीत कार्य किया है जिससे नई पीढ़ी में सुसंस्कार लोग आएंगे। समारोह की अध्यक्षता कर रहे जगन्नाथ मंदिर के महंत देवेन्द्र शर्मा ने कहा कि पत्रिका की इस मुहिम का अलवर में प्रभाव दिखने लगा है। अब बच्चे भगवान जगन्नाथ से सम्बन्धित सामग्री को खोज रहे हैं।
अलवर वासी भगवान जगन्नाथ को अपना अराध्य देव मानते हैं। पत्रिका के इस अभियान से मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या भी बढ़ी है। कार्यक्रम में गीता के अध्यायों की सही जानकारी देने वाली बालिका चेष्टा को भी सम्मानित किया गया। इस अवसर पर बीएल पब्लिक स्कूल के निदेशक सुनील बिल्खा ने कहा कि पत्रिका के इस प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता को लेकर विद्यार्थियों में भारी उत्साह है, जिसमें जिले के सभी भागों के विद्यार्थी भाग ले रहे हैं। यह प्रतियोगिता दूसरे वर्ष हो रही है जिसके विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। जबकि सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र मिलेंगे। साहित्यकार व रंगकर्मी रामावतार पंडित ने भी पत्रिका की इस मुहिम की सराहना की। मंच संचालन धर्मवीर पाराशर ने किया। प्रधानाध्यापिका सुमन बिल्खा ने आभार जताया।
Published on:
18 Jul 2018 11:42 am
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