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पेट्रोल-डीजल के बाद अब वाहन खरीदना भी हुआ महंगा, जनता पर पड़ रही दोहरी मार

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अलवर

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Hiren Joshi

Oct 01, 2018

Automobiles Rate Increase after Petrol-Diesel

पेट्रोल-डीजल के बाद अब वाहन खरीदना भी हुआ महंगा, जनता पर पड़ रही दोहरी मार

पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दाम रोजाना वाहन मालिकों की सांसें फुला रहे हैं और अब नए वाहन खरीददारों की धडकऩें भी बढऩा शुरू हो गई है। हाल में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार नए दुपहिया वाहनों का थर्ड पार्टी बीमा पांच साल अनिवार्य कर दिया। वहीं कारों का तीन साल का थर्डपार्टी बीमा खरीदते समय ही कराना पड़ रहा है। दुर्घटना बीमा करीब 15 लाख रुपए करने के कारण प्रीमियम राशि भी 50 रुपए से बढ़ाकर 750 रुपए कर दी।

जिसके कारण नया वाहन खरीदने वालों को बीमा पर 10 से 20 हजार रुपए अधिक चुकाने पड़ रहे हैं। यह व्यवस्था 14 सितम्बर के बाद से शुरू हो गई है। जिसका बड़ा असर ऑटोमोबाइल सेक्टर पर अभी से दिखने लगा है। ऑटोमोबाइल कम्पनी व डीलर्स के चेहरे पर भी चिंता साफ दिखने लगी है। उनका भी यही मानना है कि पेट्रोल-डीजल के भाव और बीमा राशि बढऩे से खरीद पर बड़ा असर पडऩे वाला है।

नई बाइक का बीमा होगा 8 से 10 हजार में

अब किसी को बाइक खरीदनी है तो रजिस्ट्रेशन के साथ ही करीब 8 से 10 हजार रुपए बीमा का चुकाना पड़ेगा। जो कि पहले थर्ड पार्टी का बीमा केवल करीब एक हजार रुपए के आस-पास हो जाता था। थर्ड पार्टी बीमा राशि पांच साल अनिवार्य करने से प्रीमियम बढ़ गया है। दुर्घटना बीमा भी 15 लाख रुपए तक मिलेगा। ऐसा यह सोच कर किया गया है कि नए वाहन खरीददार केवल एक साल का बीमा कराने के बाद नवीनीकरण ही नहीं कराते थे। इसके अलावा बीमा राशि पहले कम थी। किसी परिवार के मुखिया की मौत होने पर परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो जाता था। इसे देखते हुए प्रीमियम व बीमा राशि बढ़ाई गई है। कार पर बीमा का करीब 15 से 20 हजार रुपए का बोझ बढ़ गया है।

अलवर जिले में इस समय डीजल 76.97 रुपए प्रति लीटर, 83.92 रुपए पेट्रोल प्रति लीटर हैं। दुपहिया वाहनों की औसत एवरेज 50 किलोमीटर प्रति लीटर है। कुछ वाहन 40 किलोमीटर ही एक लीटर में चलते हैं। कुछ थोड़ा अधिक।

डाउन पेमेंट भी अधिक

अभी तक 10 हजार रुपए डाउन पेमेंट देकर दुपहिया वाहन खरीद लिया जाता था लेकिन अब इतनी रकम तो बीमा पर ही खर्च करनी होगी। एक तरह से 20 से 30 हजार रुपए हाथ में आए बिना दुपहिया वाहन नहीं खरीदा जा सकता। बीमा पी्रमियम बढऩे से दुर्घटनाग्रस्त परिवारो को जरूर आर्थिक रूप से मदद का फायदा मिल सकेगा। पहले 50 रुपए प्रीमियत पर केवल एक लाख रुपए मिलते थे जो अब 15 लाख रुपए मिल सकेंगे।

बड़ा असर दिख रहा

पेट्रोल-डीजल के भावों में लगातार हो रही बढोतरी व बीमा प्रीमियम बढऩे का असर निश्चित रूप से बाजार पर पडऩे लगा है। दीपावली पर भी इसका असर देखा जा सकता है।
निकुंज सांघी, उद्यमी, ऑटोमोबाइल