
देश-दुनिया में योग को पहचान दिलाने वाले बाबा रामदेव के गांव का योग से नहीं कोई नाता, कोई नहीं करता योग
अलवर. baba ramdev Yoga : ( International yoga day ) आज अंतरराष्ट्रीय योग दिवस है। दुनिया भर में योग किया जा रहा है। देश-दुनिया में योग को नई पहचान दिलाने वाले योग गुरु बाबा रामदेव के ननिहाल में किसी का योग से दूर-दूर तक कोई नाता नहीं है। ग्रामीण व बाबा रामदेव के परिजन कहते हैं कि पूरी दुनिया में योग के प्रचार-प्रसार में अहम भूमिका निभाने वाले ( Baba Ramdev ) बाबा रामदेव अगर गांव में योग पहुंचाने का प्रयास करें तो कुछ बात बने। पत्रिका संवाददाता ने योग दिवस ( Yog Diwas ) से पूर्व बाबा रामदेव के ननिहाल बहरोड़ तहसील के ग्राम गुगडिय़ा का जायजा लेकर बाबा के रिश्तेदारों व ग्रामीणों से बातचीत की।
बाबा रामदेव की नानी सूरजी ने बताया कि रामदेव बचपन में यहीं पढ़ते थे। घर के सारे कामों में हाथ बंटाते थे, लेकिन एक बार गए तो लौटकर नहीं आए। वे खुश हैं कि उनके दोहिते रामकिशन उर्फ बाबा रामदेव ने देश-दुनिया में योग के माध्यम से अपना नाम किया है। परिवारजनों ने बताया कि आर्य गुरुकुल खानपुर से पढऩे के बाद रामकिशन गुरुकुल कांगड़ी चले गए। उसके बाद उनके द्वारा योग के लिए किए गए काम से उन्हें नई ऊंचाइयां मिली, इसके बाद वे अपने ननिहाल नहीं आ पाए।
परिवार में ही उनके मामा लगने वाले रामरख यादव ने बताया कि बाबा को गांव में योग को बढ़ावा देने के लिए प्रयास करने चाहिए। अगर गांव में योग का प्रशिक्षण मिल जाए तो ग्रामीण भी योग से जुड़ जाएंगे।
यहां कोई योग नहीं करता
बाबा रामदेव के ननिहाल ग्राम गुगडिय़ा में सामूहिक रूप से बैठे 1 दर्जन से अधिक ग्रामीणों ने बताया कि अड़ै कोई योग ना करे, गांव में योग को बढ़ावा देने के लिए कुछ प्रयास करने चाहिए। ग्रामीणों ने बताया कि रामकिशन उर्फ बाबा रामदेव 20 सालों से यहां नहीं आए। वे आस-पास के क्षेत्रों में आए हैं, लेकिन ननिहाल में नहीं आए। ऐसे में यहां स्थानीय लोगों ने भी योग से नाता नहीं जोड़ा।
Updated on:
21 Jun 2019 11:51 am
Published on:
21 Jun 2019 11:48 am
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