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अब तक नहीं लग पाई बायोमेट्रिक मशीनें, रजिस्ट्रर में कर रहे हाजिरी

जिले में प्राथमिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा विभाग के साथ-साथ सभी सरकारी कार्यालयों में बायोमेट्रिक मशीन के माध्यम से हाजिरी होनी थी। इसके लिए सरकार ने आदेश भी जारी किए, लेकिन अब यह पहल केवल कागजों में दबकर रह गई है। इस व्यवस्था से पता लगता कि कौन-कितने बजे कार्यालय में प्रवेश करता है और कब कार्यालय से निकलता है।

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अलवर

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jitendra kumar

Feb 13, 2024

अब तक नहीं लग पाई बायोमेट्रिक मशीनें, रजिस्ट्रर में कर रहे हाजिरी

अब तक नहीं लग पाई बायोमेट्रिक मशीनें, रजिस्ट्रर में कर रहे हाजिरी

जिले में प्राथमिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा विभाग के साथ-साथ सभी सरकारी कार्यालयों में बायोमेट्रिक मशीन के माध्यम से हाजिरी होनी थी। इसके लिए सरकार ने आदेश भी जारी किए, लेकिन अब यह पहल केवल कागजों में दबकर रह गई है। इस व्यवस्था से पता लगता कि कौन-कितने बजे कार्यालय में प्रवेश करता है और कब कार्यालय से निकलता है।

अलवर जिले में सरकारी स्कूलों की संख्या 2782 और सरकारी सरकारी महाविद्यालयों की संख्या 200 है। स्कूलों के साथ ही महाविद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए बायोमेट्रिक हाजिरी का प्रावधान किया गया। बताया जाता है कि शिक्षक, स्कूल, महाविद्यालयों में विद्यार्थियों का पहुंचने का कोई समय निश्चित नहीं हो रहा है। मशीन लगने पर सभी को समय पर आना होगा।

विद्यार्थियों के लिए 75 फीसदी हाजिरी अनिवार्य: स्कूल-कॉलेजों में बायोमेट्रिक मशीन नहीं होने के कारण विद्यार्थियों और शिक्षकों की हाजिरी रजिस्ट्ररों में दर्ज की जा रही है। इसमें पारदर्शिता नहीं रह गई है। मशीनें लगे तो सभी स्थितियां सामने आ जाएंगी। इस पर जोर सरकार दे रही है लेकिन शिक्षण संस्थान आगे नहीं बढ़ रहे हैं। विद्यार्थियों को परीक्षा में बैठने के लिए 75 फीसदी हाजिरी होना अनिवार्य है। ऐसे में मशीन से हाजिरी लगेगी तो इससे तमाम छात्र परीक्षा से बाहर हो सकते हैं। क्योंकि कॉलेज आदि में छात्र नहीं पहुंच पाते।

मशीन लगाने का कई बार उठाया मुद्दा
टेंडरों पर रोक लगी हुई थी। अब खुल गए हैं। जल्द से जल्द बायोमेट्रिक मशीन लगाने के लिए नियमानुसार प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।

डॉ. अशोक आर्य, प्राचार्य, कला कॉलेज।

महाविद्यालय में स्कॉलरशिप लेने वाले विद्यार्थियों की बायोमेट्रिक मशीन के माध्यम से हाजिरी की जा रही है। अभी स्टॉफ के लिए मशीन नहीं हैं।

- डॉ. गोपी चंद पालीवाल, प्राचार्य, राजर्षि कॉलेज, अलवर।

सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों और शिक्षकों की हाजिरी शाला दर्पण के माध्यम से की जा रही है। शिक्षक व छात्र स्कूल में आते हैं तो उनकी हाजिरी भरी जाती है।

रामेश्वर दयाल मीणा, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी, अलवर।
सरकारी कार्यालयों में बायोमेट्रिक मशीन के माध्यम से हाजिरी करने के लिए कई बार मांग उठी, लेकिन अधिकारियों की मिलीभगत के कारण लगने वाली बायेमेट्रिक मशीन की प्रक्रिया को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। अगर सभी कार्यालयों में मशीन लग जाएगी तो समय की बाध्यता होगी।