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माचाड़ी में जन्मे हेमू ने दिल्ली पर किया था शासन

इतिहासकारों ने हेमू को कहा-नैपोलियन
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अलवर

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Shyam Sunder Sharma

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Updated: 22 Dec 2020, 5:25 PM IST

माचाड़ी में जन्मे हेमू ने दिल्ली पर किया था शासन

माचाड़ी में जन्मे हेमू ने दिल्ली पर किया था शासन

अलवर. अलवर जिले के दक्षिण दिशा में अलवर-करौली हाइवे सडक़ मार्ग स्थित पर्वतमालाओं की वादियों में बसा माचाड़ी कस्बा शान शौकत एवं सौंदर्यकरण के नाम से जाना जाता है। बताया जाता है कि १५०१ ई. में यहां पर जन्मे हेमू (हेमचन्द्र विक्रमादित्य) एक हिन्दू राजा हुए जिन्होंने सोहलवीं शताब्दी में भारत पर राज किया था। उन्होंने अकबर को हराकर दिल्ली पर राज्य किया तथा विक्रमादित्य की उपाधि प्राप्त की। आपको बता दें कि राजगढ़ तहसील क्षेत्र से करीब सात किलोमीटर की दूरी पर स्थित माचाड़ी कस्बा के प्रथम छोर पर पहाडिय़ों की तलहटी में बना बांध (माचाड़ी की होद) अपनी छटा को बनाए हुए है।
वहीं बांध के ऊपर से गुजर रहा सडक़ मार्ग व बराई माता का मंदिर प्राचीन धरोंहर के रूप में राजाशाही पहचान बनाए हुए हैं। जनश्रुतियों के मुताबिक संवत १३०२ ई. में बडग़ुर्जर परिवार के राजा ने पहाड़ पर एक विशाल किले का निर्माण कराया था। लोगों का मानना है कि पहाड़ पर बना किला देख रेख के अभाव में अपनी आभा पर आंसू बहाता नजर आने लगा है।

विरासत करती संस्कृति का बखान
इसके अलावा माचाड़ी कस्बे में बावन देव जी का मंदिर, रानी का कुआं व पौराणिक छतरियां विरासत एवं संस्कृति का बखान करती है। वर्तमान में करीब दो किलोमीटर परिक्षेेत्र में बसा माचाड़ी कस्बे में सुविधाओं की कमी नहीं है। कस्बे से चारों दिशाओं में परिवहन सहित शिक्षा, चिकित्सा सुविधा, बिजली व पेयजल सुविधा बनी हुई है।


धार्मिक आस्था का केन्द्र नंगेश्वर धाम
माचाड़ी के पाटन रोड स्थित नंगेश्वर धाम लोगों के लिए आस्था का केन्द्र बना हुआ है। गोपाल सिंह नरूका ने बताया कि धार्मिक अनुष्ठान व आयोजन पर कस्बेवासी सामूहिक रूप से इस मंदिर पर कार्यक्रम आयोजित करते आ रहे हैं। वहीं धार्मिक कार्यक्रम में श्रद्धालुओं व ग्रामीणों की भीड़ उमड़ती है। धाम में विराजित नंगेश्वर बाबा, तपसी महाराज, राधाकृष्ण, महादेव व हनुमानजी की प्रतिमा प्रमुख है।
रिपोर्ट: मुकुट बिहारी