पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दाम से प्रभावित हो रहा व्यापार, कोरोना के बाद फिर से परेशान हो रहे व्यापारी

लोगों का कहना है कि डीजल महंगा होने से परेशानी हो रही है। व्यापार में मुनाफा बहुत कम हो गया है।

By: Lubhavan

Updated: 23 Feb 2021, 11:14 AM IST

अलवर. पेट्रोल डीजल के बढ़ते दामों का असर जिले के व्यापार पर होने लगा है। पहले ही कोरोना की मार झेल चुके व्यापारी पेट्रोल व डीजल के दाम बढऩे पर अब पड़ोसी राज्यों की ओर रूख करने लगे हैं। दाम बढऩे से वाहनों का किराया भाडा भी बढ़ रहा है और आवश्यक वस्तुओं के दाम पर भी असर पड़ रहा है। दाम बढऩे से उद्योगपति, ट्रांसपोर्टर, सब्जी विक्रेता, किसान सभी वर्ग आहत हुआ है। सभी का कहना है कि दाम को कम करना जरुरी है। इससे आम आदमी पर महंगाई का बोझ बढ़ रहा है।

व्यापारी पहले ही कोरोना की मार से परेशान था अब पेट्रोल डीजल के भाव ने परेशान कर रखा है। कीमतें बढऩे से जरुरी वस्तुओं के दाम बढऩे लगे हैं। राज्य सरकार व केंद्र सरकार को अपने टैक्सों में कटौती करनी चाहिए ताकि व्यापारी को राहत मिल सके।
रमेश मित्तल, व्यवसायी, अलवर

लॉकडाउन के बाद से व्यापार आधा ही रह गया है। अब लोग जरुरी सब्जी ही खरीद रहे हैं। पेट्रोल डीजल महंगा होने से वाहन चालकों ने दाम बढ़ा दिए हैं। सब्जी लाने का वाहन किराया दोगुना हो गया है। इससे सब्जी महंगी हो रही है। ग्रामीण किसानों पर डीजल महंगा होने का असर ज्यादा हो रहा है।

जय खुराडिया, फल सब्जी विक्रेता, कृषि उपज मंडी अलवर

पेट्रोल डीजल के दाम बढऩे से बाजार के भाव भी रोज बदल रहे हैं। बाजार का भाव अस्थिर होने से ग्राहक असंतुष्ठ हो रहे हैं। युवाओं पर असर ज्यादा नजर आ रहा है। युवाओं का बजट पूरी तरह से बिगड़ गया है। पहले 100 रुपए में एक लीटर पेट्रोल डलवाने पर कुछ पैसे बचते थे जो जेब खर्च में काम आते थे अब जेब का बजट बिगड़ गया है।

सुरेश गुप्ता, मार्बल व्यवसायी, अलवर

जब से दाम बढ़ रहे हैं आए दिन सवारियों से नोकझोक होने लगी है। काम आधा रह गया है। ट्रांसपोर्ट बिजनेस में सवारी महंगाई के कारण किराया नहीं बढऩे देती है। इससे हमारे अनेक खर्च प्रभावित हो रहे हैं। हमें गाडी चलाने के लिए महंगा पेट्रोल डीजल खरीदना पड रहा है लेकिन किराया नहीं बढ़ रहा। इससे परिवार व व्यवसाय दोनों चलाना मुश्किल हो गया है।
बबलू चौधरी, ट्रांसपोर्ट ऑपरेटर, मुंडावर

रोजाना बढ़ते दामों से दवा के ट्रांसपोटेंशन के सभी व्यवसायी परेशानी झेल रहे हैं। रोजाना ही ट्रांसपोर्टर दवा पहुंचाने के दाम बदलता है। सरकार को टैक्स आदि में कटौती कर आम जनता को राहत देनी चाहिए। पेट्रोल डीजल अब सबकी जरुरत बन गए हैं यदि ऐसा नहीं हुआ तो महंगाई और बढेग़ी।

जितेंद्र खुराना, दवा व्यवसायी

Lubhavan Desk
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