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केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी ने कहा- प्रदेश में अस्थिर सरकार, गहलोत सरकार बचाने में लगे

- केन्द्र सरकार किसानों से बात करने को सदैव तैयार। कांग्रेस में कलह का खमियाजा प्रदेश की जनता को उठाना पड़ रहा
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अलवर

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Lubhavan Joshi

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Updated: 24 Jun 2021, 11:08 AM IST

Central Minister kailash Chaudhary On Rajasthan Political Crisis

केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी ने कहा- प्रदेश में अस्थिर सरकार, गहलोत सरकार बचाने में लगे

अलवर. केन्द्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी ने आरोप लगाया कि राजस्थान में कांग्रेस में आपसी कलह बहुत बढ़ गई है। जिसके चलते प्रदेश में वर्तमान में अस्थिर सरकार कार्य रही है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत केवल अपनी सरकार को बचाने में लगे हैं, जिसके चलते पूरे प्रदेश में पानी, बिजली और अन्य समस्याओं से आम-जन परेशान हैं।

केन्द्रीय कृषि राज्य मंत्री चौधरी ने अलवर के सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि कांग्रेस में आपसी फूट के चलते प्रदेश में लोगों को खमियाजा उठाना पड़ रहा है। कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव से पहले जनता से किए वादे पूरे नहीं किए। इस समय प्रदेश में अस्थिर सरकार है और जिसका एक मात्र लक्ष्य अपने आपको बचाना है।

उन्होंने कहा कि कोरोना संकट के समय केन्द्र सरकार ने ऑक्सीजन सप्लाई, वैक्सीनेशन में बेहतर भूमिका निभाई है, जिससे बड़ी संख्या में लोगों की जान बच सकी। उन्होंने आरोप लगाया कि अलवर में पीएम केयर फंड से भेजे गए वैंटीलेटर चालू ही नहीं किए और केन्द्र की ओर से स्वीकृत आक्सीजन प्लांट तक समय पर नहीं लग सका, जिसके कारण कोरोना की दूसरी लहर में ऑक्सीजन की समस्या आई है।

किसानों से बातचीत को हमेशा तैयार-

कृषि राज्य मंत्री चौधरी ने कहा कि कृषि कानून किसानों के हित में बनाए गए हैं। इससे किसानों को लाभ होगा। उसकी फसल का पहले से ही करार हो जाएगा, जबकि जमीन उसी के पास रहेगी। वह अपनी फसल को किसी भी प्लेटफार्म पर बेच सकेगा। उन्होंने कहा कि किसान नेता राकेश टिकैत इस मामले में आधी रात को बात करने को कहें तो भारत सरकार हमेशा तैयार है। किसान बिल में यदि उनको कोई आपत्ति हैं तो सरकार को बताए, उनमें अब भी सुधार हो सकते हैं।

सरसों तेल के भाव पर अन्तरराष्ट्रीय प्रभाव-

कृषि राज्य मंत्री ने कहा कि सरसों तेल के भाव अधिक होने का कारण अन्तरराष्ट्रीय प्रभाव है। देश में 80 हजार करोड़ रुपए का खाद्य तेल आयात करना पड़ रहा है। अब खाद्य तेलों का उत्पादन देश में बढ़ाने के प्रयास चल रहे हैं। हम खाद्य तेलों में आत्मनिर्भर होने की दिशा में काम कर रहे हैं। भारत सरकार ने किसानों को आधे दामों पर डीएपी उपलब्ध कराया है और किसानों को आर्थिक सहायता दी जा रही है। नए कृषि कानून के बाद खेती पर आधारित उद्योग लगाए जाएंगे।

पेयजल समस्या के लिए केन्द्र जिम्मेदार नहीं-

कृषि राज्य मंत्री चौधरी ने कहा कि पेयजल समस्या के लिए केन्द्र सरकार नहीं, बल्कि राज्य सरकार पूरी तरह जिम्मेदार है। जब उनसे केन्द्र सरकार की पेयजल योजनाएं क्रियान्वित नहीं होने का सवाल किया तो वे जवाब को टालने में लगे रहे। इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष संजय नरुका, पूर्व विधायक ज्ञानदेव आहूजा, भाजपा नेता दीपक पंडित, दिनेश भार्गव और जीतू चौधरी आदि उपस्थित थे।