
अकबरपुर/मालाखेड़ा. रूपारेल नदी के पानी में आच्छादित जलकुंभी को लेकर राजस्थान पत्रिका में प्रकाशित खबर के बाद आखिर जिला प्रशासन ने भी इसे गंभीरता से लिया है। खबर का असर यह रहा कि नटनी का बारा रूपारेल नदी का बुधवार को कलक्टर आर्तिका शुक्ला ने निरीक्षण किया। यहां के हालातों का जायला लिया और नदी के पानी में आच्छादित जलकुंभी को तुरंत हटाने के यूआईटी अधिकारियों को निर्देश दिए।उन्होंने सरकार की ओर से नदियों को पुनर्जीवित करने की चलाई जा रही योजना पर सिंचाई विभाग के अधिकारियों से चर्चा की। बड़ी तादाद में जलकुंभी फैलने की वजह से नदी के पानी का बहाव प्रभावित हो जाता है। इसके अलावा पानी में रह रहे जलीय जीवों को भी परेशानी हो रही हैं। कलक्टर शुक्ला ने बताया कि मानसून सत्र आने से पहले नदी के पानी में फैल रही जलकुंभी को हटाने के निर्देश दे दिए है। उन्होंने कहा कि जल स्रोतों के संरक्षण को लेकर अन्य विभागों के अधिकारियों एवं एनजीओ के सदस्यों से भी चर्चा की जाएगी। उन्होंने चैनल गेट सहित अन्य स्थानों पर जमा सिल्टिंग, बहाव क्षेत्र में हो रहे अतिक्रमण को हटाने, सरकारी भूमि पर पौधरोपण करने तथा नदी के बहाव क्षेत्र से जलकुंभी की सफाई करने के जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए।
Updated on:
22 May 2025 12:25 am
Published on:
22 May 2025 12:25 am
