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जांच रिपोर्ट नेगेटिव आई तो बेफ्रिक हो गए, बाद में बिगड़ गई तबीयत, अब जिंदगी की जंग लड़ रहे

कई मरीजों में कोरोना संक्रमण के लक्षण सामने आए, लेकिन रिपोर्ट नेगेटिव आई। चिकित्सकों की सलाह, इलाज में लापरवाही नहीं बरतें।

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अलवर

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Lubhavan Joshi

May 19, 2021

Corona Negative Report But Health Critical

जांच रिपोर्ट नेगेटिव आई तो बेफ्रिक हो गए, बाद में बिगड़ गई तबीयत, अब जिंदगी की जंग लड़ रहे

अलवर. कोरोना वायरस का संक्रमण अजीबो-गरीब तरीके से फैल रहा है। कई मरीजों में कोरोना संक्रमण के लक्षण सामने आने पर भी जांच रिपोर्ट नेगेटिव आ रही है। वहीं, कई लोगों की बिना लक्षण के जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आ रही है। अलवर जिले में कई ऐसे केस सामने आ चुके हैं जिनमें जांच रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद मरीज बेफिक्र हो गए और बाद में उनकी तबीयत बिगड़ गई।

अलवर जिले के सरकारी और निजी अस्पतालों में कोरोना संक्रमित मरीजों की कतार लगी हुई है। हालात यह हैं कि अस्पतालों में मरीजों को भर्ती करने के लिए बेड तक नहीं मिल पा रहे हैं। निजी अस्पतालों में कई ऐसे मरीज भी आ रहे हैं। जिन्होंने खांसी-जुकाम, बुखार, सांस फूलना या सिर दर्द होने पर आरटीपीसीआर जांच कराई, लेकिन उनकी कोरोना जांच रिपोर्ट नेगेटिव आई। इसके कुछ दिन बाद तबीयत ज्यादा बिगडऩे पर मरीज को अस्पताल में भर्ती होकर इलाज लेना पड़ा।

केस-एक

रामगढ़ निवासी 27 वर्षीय युवक ने बुखार, खांसी व सांस फूलने आदि लक्षण आने पर आरटीपीसीआर कोविड जांच कराई, जो कि नेगेटिव आई। बाद में तबीयत बिगडऩे पर एचआरसीटी जांच कराने पर संक्रमण स्कोर 12 आया। उक्त मरीज का निजी अस्पताल में पिछले आठ दिन से इलाज चल रहा है।

केस-2

अलवर शहर निवासी 68 वर्षीय महिला ने बुखार, कमजोरी और सांस फूलने पर आरटीपीसीआर जांच कराई। जिसमें रिपोर्ट नेगेटिव आई। बाद में ज्यादा तबीयत बिगडऩे पर सीटी स्कैन कराई तो वह कोरोना संक्रमित मिली और संक्रमण स्कोर 18 आया। पिछले 11 दिन से महिला का निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है।

इलाज में लापरवाही नहीं करें

निजी अस्पताल के चिकित्सक डॉ. ओपी अटल और डॉ. राजेश रांकावत का कहना है कि कई ऐसे मरीज सामने आ रहे हैं, जिनकी शुरुआत में लक्षण के बाद भी कोरोना जांच रिपोर्ट नेगेटिव आई। बाद में मरीज की तबीयत बिगड़ी तथा एचआरसीटी जांच रिपोर्ट में उनके कोरोना संक्रमण काफी अधिक पाया गया। कोरोना संक्रमण के जरा भी लक्षण सामने आने पर मरीज जरा भी लापरवाही न करें। तुरंत चिकित्सकीय सलाह और उपचार लें। जिससे कि कोरोना के संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।