कोरोना वायरस के डर के बीच भी एक व्यक्ति झाड़-फूंक कर रहा था, ग्रामीणों के मना करने के बावजूद वह नहीं मान रहा।
अलवर. कोरोना वायरस को लेकर सरकार व प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है, लोगों को घर में रहने की सलाह दी जा रही है लेकिन इसी बीच कुछ लोग ऐसे भी हैं जो अपना धंधा चमकाने के लिए अन्य लोगों की जान आफत में डाल रहे हैं। अलवर जिले के शाहजहांपुर थाना इलाके के गांव भुनगड़ा अहीर में एक व्यक्ति झाड़ा लगाता हुआ मिला, उसका दावा था झाड़े से रोगियों के रोग समाप्त हो रहे हैं। पैसे की लालच में वह अपने यहां भीड़ को न्योता दे रहा था।
हालांकि इस इलाके में लंबे समय से झाड़ा लग रहा है यहां दिल्ली पंजाब हरियाणा व राजस्थान के विभिन्न जिलों से लोग झाड़ा लगवाने के लिए आते हैं। लेकिन इस समय कोरोनावायरस के चलते झाड़ा लगाने पर रोक लगाई गई थी, इसके बावजूद भी वह व्यक्ति पुलिस और प्रशासन की बात बिना माने और अपने कार्य को यथावत रखे हुए था। ग्रामीणों ने 16 मार्च को एकत्रित होकर निर्णय लिया कि आवाज को देखते हुए इस झाड़े पर रोक लगानी चाहिए। उन्होंने इसकी प्रशासन को शिकायत की प्रशासन ने उसे समझाकर झाड़ा नहीं लगाने की बात कहकर उसका मकान सील करवाया और उसे झाड़ नहीं लगाने को लेकर पाबंद किया।
ग्रामीणों को सताने लगा है संक्रमण का डर
गौरतलब है कि यहां झाड़ा लगाने के लिए बाहर से लोग आते हैं, ग्रामीणों ने झाड़ा नहीं लगाने के लिए अमरसिंह व उसके पुत्र संजय को ग्रामीणों ने आग्रह किया। लेकिन उन्होंने ग्रामीणों की बात नहीं मानी और झाड़ा लगाना जारी रखा। इससे ग्रामीणों को कोरोना का डर सताने लगा। ग्रामीणों ने इसकी सूचना प्रशासन को दी। प्रशासन की ओर से झाड़ा ना लगाने की हिदायत दी। मौके पर पुलिस की टीम ने पहुंच कर उसका यह कार्य रुकवाया। नीम-हकीम तंत्र मंत्र से झाड़ा लगाकर लोगों की जान भी आफत में डाल रहा है।
100 रुपए की लालच के लिए यह काम
गांव में झाड़ा लगाने के लिए अमर सिंह 100 रुपए लेता है। इसकी लालच में वह अपना यह कार्य लॉक डाउन के दौरान भी बंद नहीं कर रहा। पुलिस और अधिकारियों के जाते ही उसने दूसरे मकान में यह कार्य शुरू कर दिया। इसे लेकर ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है।