डॉक्टर ने कहा- मैं पीछे नहीं हट सकता, मुझे देश को बचाना है, तीन दिन बाद हो गया निधन

चिकित्सक के निधन के बाद यह वीडियो देखकर लोगों की आँखें नम हो गई।

By: Lubhavan

Published: 15 May 2021, 12:00 PM IST

अलवर. मैं एक डॉक्टर हूं। ना भगवान, ना ही योद्धा। जब मैं आईसीयू के अंदर प्रवेश करता हूं तो वह मुझे युद्ध के मैदान से कम प्रतीत नहीं होता। हमें इस वायरस रुपी बम से आपको व देश को बचाना है। यह वीडियो डॉक्टर अमित दायमा ने चिकित्सकों व सभी फ्रंटलाइन वर्कर्स के सम्मान में उनका हौसला अफजाई करने के लिए अपने सोशल मीडिया पर अपलोड किया था। लेकिन तीन दिन बाद ही उनका दिल्ली के एक अस्पताल में ड्यूटी के दौरान निधन हो गया। वीडियो में डॉ. अमित सभी चिकित्सकों की आवाज बन कह रहे हैं कि हमारी विडंबना का एहसास करके देखिए, मर तो मैं भी रहा हूँ लेकिन मुझे शहीद का दर्जा नहीं मिल रहा, देश ने हमारे लिए थाली और घंटी बजाई, मैं उसमे भी सुख की अनुभूति करता हूं।

उनके निधन के बाद जो भी उस वीडियो को देख रहा है, उसकी आंखें छलक रही है। डॉ. अमित बानसूर से तीन बार विधायक रहे व पूर्व मंत्री जगत सिंह दायमा के पुत्र हैं। 40 वर्षीय अमित का गुरुवार देर रात दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया।

डॉ. अमित वीडियो में कह रहे हैं कि मेरी भी मां है, बच्चे हैं, परिवार है। ममता में आकर मां कहती है छोड़ दे इस नौकरी को। परन्तु मेरा कर्तव्य मुझे यह करने नहीं देता। डर मेरे परिवार को भी लगता है जब मैं आईसीयू में जाकर कोरोना मरीजों की सेवा करता हूं। लेकिन हम डॉक्टर कर्तव्य से पीछे नहीं हट रहे।

सारा विश्व देखे भारत मानवता में श्रेष्ठ है

डॉ. अमित ने वीडियो में कहा कि इस वैश्विक महामारी को लोगों ने कालाबाजारी और लूट का एक जरिया बना लिया है। उनसे हाथ जोड़कर निवेदन है कि इस महामारी को मानवता का उदाहरण बनाए। सारा विश्व देखे कि भारत मानवता में, संस्कृति में और संस्कार में सबसे श्रेष्ठ है। उन्होंने कहा कि हमारी स्थिति को समझने की कोशिश करिए। इस महामारी में हम अपनों के साथ नहीं हैं। अपने परिवार को छोड़कर अपने कर्तव्य के लिए हमें देश को बचाना है। हमें थोड़ा से प्रेम, सहानुभूति और इज्जत चाहिए। डॉक्टर, पुलिसकर्मी, सफाईकर्मी, एम्बुलेंसकर्मी इससे ज्यादा कुछ नहीं चाहता। क्योंकि आप सब ही मेरी हिम्मत है।


कोरोना पॉजिटिव आने के बाद भी सेवा में लगे रहे

उनके करीबी बताते हैं कि अमित कोरोना पॉजिटिव आए थे, लेकिन वे ठीक से आराम नहीं कर पाए। हालांकि वे कोरोना से ठीक भी हो गए थे। इसके बाद तुरंत मरीजों की सेवा में लग गए। निधन से पूर्व उन्होंने कुछ लोगों से फोन पर बात कर कोरोना से सावधानी बरतने के लिए भी कहा था।

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Lubhavan Desk
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