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भ्रष्ट थानेदार जितेन्द्र यादव दलाल सहित धरा गया

एक नवम्बर को अलवर एसपी ने बेस्ट पुलिसिंग के लिए सम्मानित किया था उपनिरीक्षक जितेन्द्र यादव को

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भ्रष्ट थानेदार जितेन्द्र यादव दलाल सहित धरा गया

भ्रष्ट थानेदार जितेन्द्र यादव दलाल सहित धरा गया

अलवर. भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो अलवर ने गुरुवार रात नारायणपुर एसएचओ उपनिरीक्षक जितेन्द्र यादव और उसके दलाल को ९० हजार रुपए की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया। एसएचओ ने प्रेम विवाह के मामले में लड़की के बयान लड़के के पक्ष में बयान कराने और लड़के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करने की एवज में दलाल के मार्फत एक लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी। रात तक एसएचओ के सरकारी क्वार्टर पर एसीबी की कार्रवाई जारी रही।
एसीबी अलवर के उप अधीक्षक महेन्द्र मीणा ने बताया कि झुंझुनूं जिले के पचेरीकलां थाना इलाके गांव रसूलपुर निवासी संदीप यादव ने नारायणपुर क्षेत्र निवासी एक लड़की से जनवरी-२०१९ में आर्य समाज में प्रेम विवाह किया। इसके बाद संदीप ने लड़की को उसके घर छोड़ दिया। ५ जनवरी को संदीप लड़की को अपने साथ ले गया। इस सम्बन्ध में ६ जनवरी को लड़की के पिता ने नारायणपुर थाने में मामला दर्ज कराया। मामले के जांच अधिकारी नारायणपुर एसएचओ जितेन्द्र यादव ७ जनवरी को संदीप और लड़की को दस्तयाब कर ले आया। थानाधिकारी ने लड़की को दस्तयाब दिखा नारी निकेतन भिजवा दिया और संदीप को अनाधिकृत रूप से थाने पर बैठाकर रखा। इसके बाद थानाधिकारी ने संदीप के परिजनों से लड़की के लड़के के पक्ष में बयान कराने और उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करने की एवज में दलाल बलवीर सिंह यादव के मार्फत एक लाख रुपए की रिश्वत मांगी। जिसकी शिकायत संदीप के मौसेरे भाई कृष्ण कुमार पुत्र सत्यवीर सिंह यादव ने गुरुवार सुबह एसीबी अलवर को शिकायत दी। एसीबी ने शिकायत का सत्यापन कराया। जिसमें एसएचओ के दलाल बलवीर सिंह और परिवादी के बीच ९० हजार रुपए में सौदा तय हुआ। दलाल ने परिवादी को देर शाम को रिश्वत की राशि लेकर नारायणपुर बुलाया। एसीबी टीम ने ट्रैप का जाल बिछा दलाल बलवीर सिंह यादव पुत्र रामेश्वर दयाल यादव को नारायणपुर पंचायत समिति कार्यालय परिसर से दबोचा। उसके दाहिने हाथ से रिश्वत की राशि ९० हजार रुपए बरामद किए। इसके बाद एसएचओ जितेन्द्र कुमार यादव पुत्र सुरेशचंद यादव निवासी ढाणी खातीवाला नीमकाथाना (सीकर) को थाना परिसर स्थित उसके सरकारी क्वार्टर से गिरफ्तार कर लिया।
अलवर में कई थानों में रहा पदस्थापित : रिश्वत के आरोप में धरे के गए उपनिरीक्षक जितेन्द्र यादव पिछले कई सालों से अलवर में पदस्थापित है। इससे पहले खैरथल थानाप्रभारी सहित शिवाजी पार्क व राजगढ़ आदि थानों में पदस्थापित रह चुके हैं। यहां भी जितेन्द्र यादव की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठते रहे हैं।
अलवर में घर की तलाशी ली
रिश्वत के आरोपी उपनिरीक्षक जितेन्द्र यादव के साडू का मकान अलवर शहर के बसंत कुंज स्कीम-३ कॉलोनी में है। साडू के मकान में जितेन्द्र यादव का भी परिवार रहता है। ट्रैप कार्रवाई के बाद उप अधीक्षक सलेह मोहम्मद के नेतृत्व में एसीबी टीम रात को जितेन्द्र यादव के साडू के घर पहुंची। वहां जाकर जितेन्द्र यादव के कमरों की जाकर तलाशी ली। डीएसपी सलेह मोहम्मद ने बताया कि तलाशी के दौरान प्रोपर्टी के कागजात या बड़ी नगदी नहीं मिली।
सम्मान के बाद नवाजी थानेदारी
जिला पुलिस की ओर से एक नवम्बर २०१९ को अलवर पुलिस लाइन में प्रोत्साहन परेड का आयोजन किया गया था। जिसमें वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए गए विशेष अभियान के तहत उत्कृष्ट कार्य करने वाले ७ थानाधिकारी समेत १८ पुलिसकर्मियों को जिला पुलिस अधीक्षक परिस देशमुख ने प्रशंसा पत्र व नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया था। सम्मानित होने वालों में उपनिरीक्षक जितेन्द्र यादव भी शामिल था। उस दौरान जितेन्द्र यादव राजगढ़ थाने में द्वितीय अधिकारी के रूप पदस्थापित था। इसके कुछ दिन बाद ही जितेन्द्र यादव को नारायणपुर एसएचओ लगा दिया गया।