Crime In Alwar: अलवर जिले में दो गुटों के बीच जमकर लाठी डंडे चले। अधिकारियों ने समझाइश कर मामला शांत कराया।
अलवर जिले के कोटकासिम क्षेत्र के गांव तिगांवा में दो गुटों के बीच विवाद हो गया। एक गुट के लोागों ने छत से पत्थर फेंके। इसके बाद विवाद ने इतना तूल पकड़ा कि दोनों गुट आमने-सामने हो गए और जमकर लाठी-डंडे चले और पथराव हुआ। झगड़े में करीब आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। सूचना मिलते ही कोटकासिम सहित अन्य थाना पुलिस जाप्ता मौके पर पहुंच गया, जिसके चलते गांव पुलिस छावनी बना रहा। स्थानीय प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाकर मामला शांत कराया।
पुलिस ने बताया कि तिगांवा में सुबह करीब साढ़े 9 से 10 बजे के बीच महाराणा प्रताप की जयंती अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा था। उसी समय एक गुट की ओर से महिलाओं एवं पुरुषों ने छत से कार्यक्रम में शामिल ग्रामीणों पर पत्थर फेंके। जिससे कार्यक्रम में शामिल लोगों का गुस्सा भडक़ गया और दोनों गुट आमने-सामने होने से जमकर लाठी-डंडे व पत्थरबाजी हुई। दोनों गुटों के आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। साथ ही पत्थर से बनी कुर्सियों को भी तोड़ डाला। घटना की सूचना पर कोटकासिम थानाधिकारी मय जाप्ते मौके पर पहुंची। अधिक विवाद बढ़ता देख अन्य पुलिस थानों से भी पुलिस जाप्ता तैनात किया गया। इसके अलावा स्थानीय प्रशासन के आला अधिकारी भी मौके पर पहुंचे तथा दोनों गुटों के लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की।
अधिकारियों के सामने दोनों गुटों ने लगाए अलग-अलग आरोप
पुलिस ने बताया कि तिगांवा में दो गुटों में हुए विवाद के बाद समझाइश के दौरान दोनों गुटों ने अधिकारियों के सामने एक-दूसरे पर अलग-अलग आरोप लगाए। एक गुट का आरोप है कि समाजकंटकों की ओर से तिगांवा में अहीर रेजिमेंट का बोर्ड रंग से पोत दिया गया। वहीं दूसरे गुट के लोगों का आरोप है कि ङ्क्षतगावा में महाराणा प्रताप जयंती कार्यक्रम के दौरान एक गुट की महिलाओं एवं पुरुषों ने छत से पत्थरबाजी की। जब कार्यक्रम में शामिल लोगों ने इसका विरोध किया तो एकजुट होकर इन लोगों ने लाठी-डंडों से कार्यक्रम में शामिल लोगों पर वार किया।
एसडीओ सहित पुलिस अधिकारियों ने दिनभर डाले रखा डेरा
तिगांवा में दो गुटों में विवाद के बाद पुलिस व स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों ने पूरी सतर्कता बरतते हुए ग्रामीणों से शांति बनाए रखने की अपील की। साथ ही गांव के राजीव गांधी सेवा केन्द्र पर दोनों गुटों को बैठाकर कई घंटे समझाइश के प्रयास किए गए। काफी मशक्कत के बाद अधिकारियों के नेतृत्व में विवाद समाप्त कराया गया। दोनों गुट समझाने पर शांत हो गए।