शारदीय नवरात्र की अष्टमी रविवार को मनाई गई। सोमवार को नवमी पूजा की जाएगी। अष्टमी के दिन माता के महागौरी रूप की पूजा की गई। नवमी को माता के सिद्धिदात्री रूप की पूजा की जाएगी। अष्टमी पर घरों में ज्योत देखी गई और कन्या पूजन किया गया। कन्याओं को भोजन करवाकर दक्षिणा और उपहार दिए गए। इसी के साथ ही अष्टमी पूजा करने वाले श्रद्धालुओं के नवरात्र का समापन हो गया। नवरात्र की पूजन सामग्री का विसर्जन किया गया। अष्टमी पर बड़ी संख्या में भक्त मंदिरों में दर्शनों के लिए पहुंचे। इसके लिए मंदिरों में भी अतिरिक्त इंतजाम किए गए। इस अवसर पर शहर के मंशा माता मंदिर, वैष्णों माता मंदिर, काली माता मंदिर सहित अन्य देवी मंदिरों में धार्मिक अनुष्ठान किए गए।
बाला किला स्थित करणी माता मंदिर में नवरात्रा की अष्टमी व नवमी को लक्खी मेला भरेगा। रविवार को बड़ी संख्या में भक्तों ने माता के दर्शन किए। इसके चलते मंदिर परिसर में दर्शनों की लंबी कतार लगी रही, वहीं पार्किंग स्थल पर भी दूर तक वाहन नजर आ रहे थे। सुबह भक्तों की संख्या कम रही, लेकिन दोपहर 12 बजे बाद बड़ी संख्या में भक्त दर्शनों के लिए पहुंचे। इसके चलते प्रतापबंध चौकी व उसके बाद जयपोल गेट पर लंबा जाम लग गया। शाम को चार बजे बाद जैसे ही भक्तों का वापस लौटना शुरू हुआ फिर से जाम के हालात बन गए। लोगों को जाम से निकालने के लिए पुलिस को मशक्कत करनी पड़ी। चौपहिया वाहनों के प्रवेश पर सख्ती रखी गई।
वन विभाग ने जारी किए सख्त निर्देश
वन क्षेत्र में सूर्यास्त के बाद न रूकें, वन क्षेत्र में मादक पदार्थों का सेवन व धूम्रपान करने व आगे जलाने पर रोक लगाई गई है। वन क्षेत्र में पहाड़ पर चढऩा, वन्य जीवों को खाद्यान्न सामग्री डालने पर रोक लगाई है। वन क्षेत्र में बाघों का मूवमेंट होने के कारण सावधानी बरतने को कहा है। वन क्षेत्र के नियमों का उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।