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फैक्ट्री में श्रमिक की मशीन के पट्टे में आने से मौत, प्रबंधन छुपाता रहा घटना को

बहरोड़. कस्बे के औद्योगिक क्षेत्र फेज एक में स्थित ज्योति सीमेंट लिमिटेड फैक्ट्री के अंदर शनिवार रात को काम के दौरान एक श्रमिक मशीन के पटे में आ गया। जिसको परिजन व श्रमिक रात को ही अस्पताल ले गए जहां पर चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
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अलवर

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Kailash Chand Sharma

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Updated: 18 Apr 2022, 1:09 AM IST

फैक्ट्री में श्रमिक की मशीन के पट्टे में आने से मौत, प्रबंधन छुपाता रहा घटना को

फैक्ट्री में श्रमिक की मशीन के पट्टे में आने से मौत, प्रबंधन छुपाता रहा घटना को


बहरोड़. कस्बे के औद्योगिक क्षेत्र फेज एक में स्थित ज्योति सीमेंट लिमिटेड फैक्ट्री के अंदर शनिवार रात को काम के दौरान एक श्रमिक मशीन के पटे में आ गया। जिसको परिजन व श्रमिक रात को ही अस्पताल ले गए जहां पर चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। जानकारी अनुसार मृतक झारखंड निवासी छोटूराम अपनी पत्नी एक बेटे व दो बेटियों के साथ फैक्ट्री के अंदर रहकर ही काम करता था। मृतक के ससुराल पक्ष के लोग भी इसी फैक्ट्री में काम करते है। श्रमिक की मौत के बाद फैक्ट्री प्रबंधन ने बिना पुलिस को सूचना दिए हुए पोस्टमार्टम करवाना चाह रहे थे । लेकिन घटना की सूचना पुलिस को लगने पर पुलिस ने मौके पर पहुँचकर घटना स्थल का जायजा लिया और फैक्ट्री मालिक के आने के बाद ही पोस्टमार्टम कराने की बात कही। वहीं डीएसपी आनन्द राव ने थाने में पहुँच कर मजदूर की मौत के कारणों की जानकारी ली। डीएसपी राव ने बताया कि शनिवार रात को ज्योति सीमेंट लिमिटेड फैक्ट्री में काम करते हुए एक मजदूर की मौत हो गई। जिसके बाद फैक्ट्री वालों से जानकारी ली गई तो फैक्ट्री मैनेजर धर्मपाल यादव मृतक की पत्नी, बेटी व साले को लेकर थाने पहुँचे। जब फैक्ट्री मालिक के बारे में पूछा गया तो मैनेजर खुद को ही फैक्ट्री का सीनियर आदमी बताकर बात करने के लिए कहा और जब पीएफ और ईएसआई को लेकर सवाल किए गए तो मैनेजर के द्वारा मजदूर की मौत के लिए 5 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने के लिए चेक दिखाया। जिस पर मैनेजर पर नाराजगी जताते हुए फैक्ट्री मालिक के आने पर ही मृतक का पोस्टमार्टम कराने और मालिक से पूछताछ कर नियमानुसार कार्यवाही करने की बात कही।
मृतक का पीए$फ ईएसआई भी नहीं : फैक्ट्री प्रबंधन ने मृतक श्रमिक का ईएसआई,पीएफ भी नहीं बनवाया। जब पुलिस के अधिकारियों से उनसे कारण पूछा तो श्रमिक के द्वारा आधार कार्ड नहीं देने की बात कहते हुए पल्ला झाड़ लिया और कहा की श्रमिक के द्वारा पहले आधार कार्ड नहीं दिया गया था।


जबकि नियम के अनुसार श्रमिक का पहले दिन से ही पीएफ, ईएसआई कटना और जमा होना शुरू हो जाता है। जिससे उसे राज्य कर्मचारी बीमा निगम के अनुसार प्रदेश सरकार की सारी सुविधाएं मिल सके। लेकिन यहां पर स्थापित फैक्ट्रियों में फैक्ट्री प्रबंधन के द्वारा लापरवाही करते हुए और मजदूरों को उनका पूरा हक नहीं दिया जा रहा है।


फैक्ट्री प्रबंधन करता रहा अपना बचाव

शनिवार रात को श्रमिक की काम के दौरान मौत होने के बाद फैक्ट्री प्रबंधन अपना बचाव करते हुए पहले मजदूर की मौत को शराब पीने से होना बताया। जब पुलिस के द्वारा घटनास्थल का जायजा लिया गया और मृतक के शरीर पर चोट के निशान देखकर जानकारी हासिल की तो फैक्ट्री प्रबंधन ने इसे सीमेंट के कट्टे भरते समय मशीन के पटे में आने से हादसा होना बताया।