
मुंडावर विधायक व भाजपा के कद्दावर नेता धर्मपाल चौधरी का गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में लीवर की बीमारी के ईलाज के दौरान निधन हो गया। 4 जुलाई 1954 को जन्में धर्मपाल चौधरी 66 वर्ष 8 माह के चौधरी एक बार जिला पार्षद व 3 बार विधायक रहे। ट्रांसपोर्ट व शराब कारोबार से जुडक़र अपनी पहचान बनाने वाले चौधरी दो भाइयों व एक बहन में सबसे बड़े थे। उन्होंने बहरोड़ के राजकीय सिनियर सैकेंडरी स्कूल में 12 वीं तक पढ़ाई की।
1995 में बानसूर के चतरपुरा वार्ड से जिला पार्षद का चुनाव जीत कर अपना राजनीतिक सफर शुरू किया। 1998 में मुंडावर विधानसभा से निर्दलीय के रूप में चुनाव लड़ा। चुनाव में भाजपा से जीते डॉक्टर जसवंत यादव के साथ चौधरी उपविजेता रहे थे।सन् 2000 में जसवंत यादव के सांसद बन जाने पर हुए उपचुनावों में भाजपा ने चौधरी को प्रत्याशी बनाया। उपचुनाव जीतकर पहली बार विधायक बने चौधरी 2003 में फिर चुनाव जीतकर सरकार में संसदीय सचिव बनाये गए। 2008 में चुनाव कांग्रेस के मेजर ओपी यादव से हार जाने के बाद भी जनता से जुड़े रहने के चलते 2013 में रिकॉर्ड मतों से जीत कर तीसरी बार विधायक बने। विधायक चौधरी एक किसान जाट बहरोड निवासी सुल्तान चौधरी के घर मे जन्मे थे। जाट बहरोड भाजपा मंडल महा सचिव व सरपंच प्रतिनिधि रमेश तक्षक के अनुसार जिले में हुए जिला प्रमुख चुनावो के दौरान चौधरी को स्वाइन फ्लू हो जाने के बाद से लीवर में इन्फेक्सन हो गया था। जिसके बाद से ही बीमार रहने लगे विधायक का वर्तमान में हैदराबाद में ईलाज चलने के बाद गुरुग्राम के मेदांता में भर्ती कराया गया था। जिनका गुरुवार को निधन हो गया। विधायक का अंतिम संस्कार पैतृक गांव जाट बहरोड में 3 बजे किया जाएगा।
जिलेभर में शोक का माहौल
स्वर्गीय विधायक धर्मपाल चौधरी के निधन के बाद जिलेभर में शोक का माहौल है। लोग सुबह ही उनके निधन की खबर सुन चौंक गए। उनके निधन के बाद कई शीर्ष नेताओं ने शोक जताया है।
Published on:
19 Apr 2018 09:40 am
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