19 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

मृतक प्रोफेसर ले रहे पेंशन, रिटायर कर्मचारी पा रहा वेतन

अलवर. भले ही काम कर रहे अधिकारियों व कर्मचारियों को वेतन न मिले लेकिन रिटायर्ड कर्मचारियों को जरूरत वेतन जारी किया जा रहा है। इसी तरह पेंशन के लिए भी कई लोगों को बाधा हो रही हैं लेकिन यहां मृतक प्रोफेसर को भी पेंशन दो साल से जारी की जा रही है। दोनों ही मामला चौंकाने वाले हैं जो अब सार्वजनिक हुए और चर्चा में हैं।

2 min read
Google source verification

अलवर

image

susheel kumar

Sep 16, 2023

मृतक प्रोफेसर ले रहे पेंशन, रिटायर कर्मचारी पा रहा वेतन

मृतक प्रोफेसर ले रहे पेंशन, रिटायर कर्मचारी पा रहा वेतन

- ट्रेजरी की ओर से प्रोफेसर को दो साल से भेजी जा रही थी पेंशन, करीब 32 लाख रुपए गए खाते में, हर साल लेना था जीवित प्रमाण पत्र, पर ऐसा नहीं हुआ, अब वसूली को नोटिस

- जिला परिषद की पंचायत समिति थानागाजी से रिटायर हुए कर्मचारी को दो माह का वेतन जारी हुआ, इसकी भी किसी को भनक नहीं, मामला अब हुआ सार्वजनिक तो चर्चा में आया


अलवर. भले ही काम कर रहे अधिकारियों व कर्मचारियों को वेतन न मिले लेकिन रिटायर्ड कर्मचारियों को जरूरत वेतन जारी किया जा रहा है। इसी तरह पेंशन के लिए भी कई लोगों को बाधा हो रही हैं लेकिन यहां मृतक प्रोफेसर को भी पेंशन दो साल से जारी की जा रही है। दोनों ही मामला चौंकाने वाले हैं जो अब सार्वजनिक हुए और चर्चा में हैं। एक मामला ट्रेजरी ने खुद पकड़ा तो प्रोफेसर के परिजनों से करीब 32 लाख रुपए जमा कराने का नोटिस जारी किया है। दूसरे मामले से अभी अफसर अनभिज्ञ हैं।

ये है कॉलेज का मामला
आरआर कॉलेज में वाणिज्य विभाग से रिटायर्ड प्रोफेसर डॉ. शशिकांत गुप्ता का वर्ष 2021 में निधन हो गया। उसी समय उनकी पत्नी का भी निधन हो गया। बताया जाता है कि कोरोना के चलते ऐसा हुआ। निधन के बाद प्रोफेसर की पेंशन पर रोक लग जानी चाहिए थी लेकिन ट्रेजरी की ओर से लगातार जारी की जा रही थी। बताते हैं कि दो से ढाई साल तक पेंशन जारी हुई। करीब 32 लाख रुपए खाते में भेजे गए। नियम है कि पेंशनधारकों को हर साल अपना जीवित प्रमाण पत्र देना होता है। अब सवाल ये खड़ा हुआ है कि बिना इस प्रमाण पत्र के पेंशन किस आधार पर जारी हुई? हालांकि अब ट्रेजरी के जिम्मेदार अधिकारियों की आंखें खुली तो उन्होंने प्रोफेसर के परिजनों को नोटिस भेजकर पैसे जमा कराने के लिए कहा है। बताया जाता है कि पेंशन के जारी हुई रकम से करीब चार लाख रुपए टीडीएस के कट गए। ऐसे में प्रोफेसर के खाते में करीब 28 लाख रुपए हैं। अब चार लाख रुपए का पेंच फंसा हुआ है। हालांकि अफसर पैसे वसूलने की बात कर रहे हैं।


कर्मचारी को इस तरह जारी हो रहा वेतन
जिले की पंचायत समिति थानागाजी में तैनात हैंडपंप मिस्त्री दो महीने पहले 30 जून 2023 को रिटायर हो गए थे। इसके बाद भी पंचायत समिति थानागाजी की ओर से लगातार मिस्त्री कैलाश चंद्र को वेतन का भुगतान किया जा रहा है। कर्मचारी को रिटायरमेंट के बाद माह जुलाई और अगस्त का वेतन भुगतान अब तक पंचायत समिति की ओर से किया जा चुका है। यह मामला अब कर्मचारियों से लेकर कई अफसरों को पता चला तो चर्चा का विषय बन गया। बताते हैं कि अब तक रिटायर्ड कर्मचारी को एक लाख से अधिक रुपए का वेतन पिछले दो महीने में मिल चुका है। हैरानी का विषय यह है कि जिस कर्मचारी के पेंशन प्रस्ताव विभाग को भिजवाने थे उस कर्मचारी को भी वेतन देने के लिए अफसर हस्ताक्षर करते रहे? हालांकि ये जांच का विषय है। हैंडपंप मिस्त्री कैलाश कहते हैं कि उनके खाते में वेतन आया है, वह रकम वापस करेंगे।

प्रोफेसर के खाते में पहुंची पेंशन की रकम की वसूली होगी। सरकारी रकम का दुरुपयोग नहीं किया जा सकता। जल्द ही पैसे वापस आएंगे।
--- राजकुमार, जिला कोषाधिकारी