
दिल्ली से अहमदाबाद के बीच दौड़ेगी 350 किमी प्रतिघंटा रफ्तार वाली हाई स्पीड बुलेट ट्रेन, राजस्थान में होगा कॉरिडोर का 75 प्रतिशत क्षेत्र
अलवर. दिल्ली से अहमदाबाद के बीच हाई स्पीड एलिवेटेड बुलेट ट्रैन दौड़ेगी। इस परियोजना का 75 प्रतिशत हिस्सा राजस्थान से होकर गुजरेगा। नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड की ओर से दिल्ली से अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडोर के सर्वे का कार्य शुरू कर दिया है। 886 किलोमीटर लम्बे इस कॉरिडोर की राजस्थान में 658 किमी लम्बाई होगी। इस परियोजना में प्रदेश के 7 जिलों के कुल 337 गांव प्रभावित होंगे। कॉरिडोर बनने के बाद दिल्ली से अहमदाबाद का सफर साढ़े 3 घंटे में पूरा होगा। जिसमें दिल्ली से अहमदाबाद तक 15 स्टेशन प्रस्तावित हैं । राजस्थान में यह कॉरिडोर अलवर के शाहजहांपुर बॉर्डर से प्रवेश करेगा जो राष्ट्रीय राजमार्ग 48 के समानांतर जयपुर, अजमेर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, डूंगरपुर में अहमदाबाद तक जाएगा ।
प्रदेश में कॉरिडोर की प्रस्तावित योजना
दिल्ली-अहमदाबाद हाई स्पीड ट्रेन रेल कॉरिडोर में राजस्थान के सात स्टेशन प्रस्तावित हैं। इस परियोजना में प्रदेश के 337 गांवों की 1151 हेक्टेयर भूमि प्रभावित होगी। जिसमें से 729 हेक्टेयर भूमि निजी व 481 हेक्टेयर सरकारी भूमि प्रभावित होगी। इस कॉरिडोर के लिए प्रदेश के कुल 15 हजार 131 भूखंड की जमीन प्रस्तावित हैं। इस कॉरिडोर की सर्वाधिक लम्बाई जयपुर जिले में होगी। जयपुर में इसकी लम्बाई 195 किमी, अजमेर में 108 किमी, उदयपुर में 123 किमी, भीलवाड़ा में 85 किमी, चित्तौड़गढ़ में 79 किमी, अलवर में 34 किमी और डूंगरपुर में 32 किमी लम्बाई होगी।
कार्य प्रारम्भ होने में लग सकते हैं चार साल
एनएचएसआरसीएल के जॉइंट जेनेरल मैनेजर एमएस राठौड़ ने बताया कि इस प्रोजेक्ट के लिए जमीनी स्तर पर कार्य शुरू करने से पूर्वभूमि अधिग्रहण, विभिन्न विभागों से स्वीकृति और एनओसी लेने, पेड़ों की कटाई करने के लिए 3 से 4 साल का वक्त लगेगा। उन्होंने बताया कि इस कॉरिडोर को रेलवे व हाईवे के समीप ही बनाने का विचार है, जिससे कम से कम जमीन अधिग्रहण करनी पड़े। हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन की ओर से इस परियोजना के सर्वे आदि का कार्य शुरू किया गया है। जिसके बाद डीपीआर बनाकर रेल मंत्रालय को भेजी जाएगी। परियोजना के पर्यावरण सलाहकार विजय शर्मा ने बताया कि कॉरिडोर के लिए पर्यावरण प्रभावी मुद्दों पर अध्ययन किया जा रहा है।
अलवर जिले में 34 किलोमीटर लम्बाई
इस कॉरिडोर की अलवर जिले में लम्बाई 34 किलोमीटर होगी। इस परियोजना से 22 गांव प्रभावित होंगे। कुल 62.35 हेक्टेयर जमीन ली जाएगी। जिसमें से 20 हेक्टेयर निजी और 42 हेक्टेयर सरकारी भूमि होगी। यह ट्रेन अलवर जिले में काकर, गूगल कोटा, बणी जोनायचा, जोनायचा खुर्द, सांसेडी, शाहजहांपुर, बेलनी, जनकसिंहपुरा, काली पहाड़ी, माजरा काठ, प्रतापसिंहपुरा, माधोसिंहपुरा, ढूंढारिया, दूगेड़ा, हमजापुर, दहमी, कंकरदोपा, बहरोड़, खेड़की, कांकरछाजा और गूंती गांव से गुजरना प्रस्तावित है।
हाई स्पीड रेल परियोजना पर एक नजर
रूट की कुल लम्बाई: 886 किमी
ट्रैन की अधिकतम गति: 350 किमी प्रति घंटा
संरचना: नालिकाओं और पुलों पर उठाया हुआ
ऊंचाई: जमीन से 15 से 15 मीटर ऊपर
चौड़ाई- 17.5 मीटर
Published on:
10 Aug 2021 09:59 am
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