एडवोकेट सत्येन्द्र सैदावत, मदन परबैणी का कहना है कि यह क्षेत्र भौगोलिक दृष्टि से आगरा, भरतपुर, जयपुर, बांदीकुई, दौसा, दिल्ली के मध्य केन्द्र की भांति है। रैणी क्षेत्र में हाइवे के किनारे औद्योगिक संस्थानों की स्थापना सरकार को करनी चाहिए जिससे रैणी क्षेत्र मुख्य धारा में आ सके व रैणी का विकास हो सके।