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देवउठनी का अबूझ सावा, दो दशकों में इस बार सबसे ज्यादा शादियां, जानिए क्या है कारण

देवउठनी एकादशी पर इस साल सबसे ज्यादा शादियां है। ऐसे में सभी मैरिज होम, विवाह स्थल और होटल बुक हैं।
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अलवर

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Lubhavan Joshi

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Updated: 25 Nov 2020, 5:21 PM IST

DevUtahni Ekadashi 2020 Has More Numbers Of Marriage Since 2 Decades

देवउठनी का अबूझ सावा, दो दशकों में इस बार सबसे ज्यादा शादियां, जानिए क्या है कारण

अलवर. देव उठनी के अबूझ सावे पर बुधवार को अलवर जिले के हर गांव और ढाणियों में शादी-ब्याह के चलते इन दिनों चहुंओर विवाह आयोजन दिखाई पड़ रहे हैं। इस दिन अलवर जिले में हजारों शादियां होंगी जो दो दशक में एक दिन में नहीं हुई। इसको लेकर कई दिनों से बाजार में भीड़ हो रही है। यह भीड़ अलवर शहर के साथ जिले के कस्बों में भी दिखाई पड़ रही है। बुधवार के बड़े सावे को देखते हुए मंगलवार को भी बाजार में भीड़ रही। सभी मैरिज होम, विवाह स्थल और होटल बुक हैं, जिनमें देव उठनी ग्यारस को होने वाले विवाह की तैयारियां हो रही हैं। राजस्थान टैंट डीलर एसोसिएशन के प्रदेश उपाध्यक्ष अतुल शर्मा का कहना है कि देवउठनी ग्यारस पर इतनी शादियां बहुत समय बाद हो रही हैं।

पंडितों के अनुसार देव उठनी एकादशी जिसे प्रबोधनी एकादशी भी कहा जाता हैं। इसे पापमुक्त करने वाली एकादशी माना जाता है। इस दिन से चार माह पूर्व देव शयनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु तथा अन्य देवता क्षीरसागर में जाकर सो जाते हैं। इसी कारण इन दिनों बस पूजा पाठ तप एवं दान के कार्य होते हैं। इन चार महीनो में बड़े काम जैसे शादी, मुंडन संस्कार, नाम करण संस्कार आदि नहीं किए जाते हैं। यह सभी कार्य देव उठनी प्रबोधनी एकादशी से शुरू होते हैं।
बीते चार महीनों से चातुर्मास के कारण विवाह व मांगलिक कार्यों पर प्रतिबंध था। देवउठनी ग्यारस से इनका सिलसिला फिर से शुरू हो जाएगा। इस दिन अलवर जिले में २० हजार से अधिक संख्या में विवाह के आयोजन होंगे।

इतने अधिक संख्या में विवाह-

देवउठनी ग्यारस को अबूझ सावा माना जाता है जिसके लिए मुहूर्त निकलवाने की आवश्यकता नहीं है। पंडित शिब्बू शास्त्री ने बताया कि इस दिन काफी संख्या में विवाह होने का यह कारण यह है कि पिछले काफी समय से विवाह लॉक डाउन के कारण टल गए थे। अब कई दिनों बाद यही सावा आया है।

इस साल हैं बहुत कम सावे

पंडित शिब्बू शास्त्री के अनुसार वर्ष 2020 में केवल 09 दिन ही विवाह कार्य के लिए शुभ माने जा सकते हैं जिसमें नवंबर में 25, 27 और 30 नवंबर और दिसंबर में 1,6, 7, 9, 10 और 11 तारीख को विवाह मुहूर्त होगा लेकिन आने वाले साल 2021 में गुरु और शुक्र ग्रहों के अस्त होने के कारण जनवरी से मार्च के बीच कोई सावा ;विवाह मुहूर्तद्ध नहीं होगा। 11 दिसंबर के बाद सीधे अप्रेल 2021 में ही विवाह मुहूर्त खुलेंगे।

15 दिसंबर से 14 जनवरी के बीच मलमास होने के कारण कोई विवाह कार्य नहीं हो पाएंगे। इसके बाद 17 जनवरी से 15 फरवरी के बीच देव गुरु अस्त रहेंगेए जिसके चलते कोई विवाह मुहूर्त नहीं होगा। इसी प्रकार 13 फरवरी से 18 अप्रेल 2021 के बीच विवाह कारक शुक्र अस्त होने के कारण कोई विवाह मुहूर्त नहीं होंगे। इस बार जनवरी फरवरी और मार्च में कोई भी सावा ;विवाह मुहूर्तद्ध नहीं होना अपने आप में एक विशेष घटना हैए जिसका कारण गुरु और शुक्र का अस्त होना है ।