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30 साल बाद दीपावली से पहले बन रहा है यह खास योग, खरीददारी के लिए है बेहद शुभ

30 साल बाद दीपावली पर से पहले बन रहा है यह खास योग, खरीददारी के लिए है बेहद शुभ
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अलवर

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Hiren Joshi

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Updated: 29 Oct 2018, 11:50 AM IST

Diwali 2018 : Pushya Nakshatra Shubh Yog On Diwali 2018

30 साल बाद दीपावली पर से पहले बन रहा है यह खास योग, खरीददारी के लिए है बेहद शुभ

धनतेरस इस बार 5 नवंबर को है। लेकिन धनतेरस से पहले ही एक बार 31 अक्टूबर को बाजार में धनलक्ष्मी की वर्षा होगी। इस दिन बुध पुष्प नक्षत्र का योग बन रहा है। जो खरीददारी के लिए शुभ माना जाता है। इस दिन सुबह से लेकर रात तक खरीददारी की जा सकती है। तीस साल बन रहे इस अदभुत संयोग के कारण इस दिन का महत्व भी धनतेरस की तरह ही बताया जा रहा है। इस योग के आने से पहले ही बाजार में जोर शोर से तैयारियां शुरु हो गई है। इस दिन के लिए व्यापारियों ने अतिरिक्त स्टॉक मंगवाया गया है। पुष्य नक्षत्र को धनतेरस की तरह स्वयं सिद्ध अबूझ मुहूर्त माना जाता है।

इसी दिन अहोई अष्टमी माता की पूजा होगी। दीपावली से आठ दिन पहले अहोई अष्टमी का व्रत आता है। जिसमें महिलाएं व्रत व पूजन कर अखंड सौभाग्य, संतान की प्राप्ति के लिए पुत्र व पौत्रादि की दीर्घायू की कामना करती हैं।
30 साल बाद आ रहा है बुध पुष्य योग: पंडित यज्ञदत्त शर्मा ने बताया कि 30 वर्ष बाद यह योग बन रहा है। वर्तमान में गोचर में शुक्र तुला राशि में स्वग्रही है जो कि अत्यंत लाभदायक है। इसी दिन साध्य योग है ओर राजयोग प्रात: 11 बजकर 10 मिनट तक है। इस दिन कोई भी नया काम, नया व्यवसाय शुरु किया जा सकता है।

इसके अलावा आभूषण खरीददारी, इलेक्ट्रोनिक्स आइटम, फर्नीचर आदि खरीदना शुभ होता है। इसी दिन शाम को गुुरु प्रधान, मीन लग्न शाम 6 बजकर 20 मिनट से 8 बजकर 30 मिनट तक है, जो कि स्थिर प्रकृति का वृष लग्न है। इससे खरीददारी का श्रेष्ठ योग बन रहा है।

नक्षत्रों का राजा है पुष्य नक्षत्र

ज्योतिष के अनुसार 27 नक्षत्र है। इसमें पुष्य नक्षत्र को नक्षत्रों का राजा कहा जाता है। बुधवार के दिन पुष्य नक्षत्र आने के कारण इसे बुध पुष्य नक्षत्र कहा जाता है। इस दिन पुष्य नक्षत्र के देवता देव गुुरु बृहस्पति है। यह नक्षत्र शनि की दशा को दर्शाता है। शनि स्थिरता के घोतक है, इसलिए पुष्य नक्षत्र में किए गए कार्य चिर स्थायी होते हैं। पुष्य नक्षत्र का योग सभी प्रकार के दोषों को हरने वाला, शुभ फलदायी, चिर स्थायी और समृद्धिकारक माना गया है।