
दिवाली नजदीक आते ही व्यापारियों के चेहरे पर आई खुशी, ऑनलाइन के साथ अब बाजार में भी ग्राहकों की भीड़,दिवाली नजदीक आते ही व्यापारियों के चेहरे पर आई खुशी, ऑनलाइन के साथ अब बाजार में भी ग्राहकों की भीड़,दिवाली नजदीक आते ही व्यापारियों के चेहरे पर आई खुशी, ऑनलाइन के साथ अब बाजार में भी ग्राहकों की भीड़
अलवर. नोटबंदी और जीएसटी के कुप्रभाव से बाजार अभी तक नहीं उबरा है। दूसरी ओर ऑन लाइन कारोबार ने परम्परागत व्यवसाय को प्रभावित किया है। दीवाली पर बाजार में इस बार रौनक खूब है। इसको लेकर व्यापारी उत्साहित हैं। इस बारे में व्यापारियों ने कहा कि दीवाली पर्व पर लोग घरों से बाहर निकलकर खरीददारी करने आ
रहे हैं।
इस दीवाली से बाजार में पैसे का ट्रांजेक्शन बढ़ेगा। इस बार लोग ऑनलाइन कारोबार के बाद भी बाजार में जमकर खरीददारी कर रहे हैं। इस बारे में व्यापारियों ने पत्रिका से बातचीत में कहा कि व्यापार में कई परिवर्तन आ रहे हैं, इसके बावजूद बाजार में खूब रौनक है। महिलाएं जमकर कपड़े खरीद रही हैं। सोना महंगा होने के बावजूद उसके जेवरात अच्छे बिक रहे हैं।
इस विषय में संयुक्त व्यापार महासंघ के अध्यक्ष रमेश जुनेजा कहते हैं कि पूरे जिले में दीवाली को लेकर व्यापारी बहुत उत्साहित हैं। व्यापारियों को इससे लाभ होगा। इस पर्व के बाद शादी ब्याह का सीजन शुरू हो जाएगा जिससे व्यापारिक गतिविधियां तेज हो जाएंगी। इस बार इलेक्ट्रॉनिक आइटम में सबसे अधिक बिक्री वाशिंग मशीन की हो रही है।
युवा मिठाई व्यवसायी आशीष तनेजा कहते हैं कि यह सच है कि अलवर में घटिया दूध की मिठाइयों का चलन बढ़ गया है इसके बावजूद पुराने हलवाई और दुकानदार इस मिलावट का विरोध कर रहे है। सरकार को नकली मावे से बनने वाली मिठाइयों के विक्रेताओं के खिलाफ कठोर कार्रवाई करनी चाहिए।
मिठाइयां हमारी पुरातन संस्कृति का प्रतीक है। वही से मिठाई खरीदिए जिस दुकान पर आपका पूरा विश्वास हो। अलवर में मिठाइयों की गुणवत्ता अन्य शहरों से बहुत अच्छी है। दीवाली तो खुशियों का त्योहार है। मिट्टी के दीपक खरीदने से हजारों लोगों के घरों में खुशियां आएंगी।
व्यापारी तेज सिंह यादव का कहना है कि अलवर में इस बार व्यापार बढ़ा है। होप सर्कस व्यापार संघ के अध्यक्ष अशोक गुप्ता कहते हैं कि दीवाली पर लोग अपने घर में नहीं बैठे रहे। घरों से बाहर निकलकर खरीददारी करें जिससे आपसी प्रेम बढ़ेगा और व्यापार को नई दिशा मिलेगी। अलवर में वर्षों पुरानी परम्परा है कि लोग दीपोत्सव पर परिवार के साथ खरीददारी करने निकलते हैं।
टेलर शॉप एसोसिएशन के सचिव प्रेमनारायण सैनी का कहना है कि रेडिमेड कपड़ों की बिक्री अधिक हो रही है। इसके बावजूद लोग दुकानों पर कपड़े सिलवाने को बेहतर मानते हैं। आगामी दिनों में बाजारों में रौनक और बढ़ जाएगी।
गरीब के हाथों बने उत्पादों की करें खरीद
पूर्व पार्षद व व्यापारी गौरी शंकर विजय कहते हैं कि इस दीवाली पर लोगों को खूब खरीददारी करनी चाहिए। परिवार सहित बाजार में आएं और देखें कि बाजार किस तरह सजे हैं। गरीब के हाथों से बनी वस्तुएं जरूर खरीदे जो आपका इंतजार कर रहा है।
सतीश खंडेलवाल का कहना है कि इस बार बाजार को आकर्षक ढंग से सजाया गया है जिसका प्रभाव सकारात्मक पड़ेगा।
चुनौती को स्वीकारा
इसी प्रकार दूल्हे के कपड़ो के विक्रेता सीपी अरोड़ा का कहना है कि अलवर में ऑनलाइन कारोबार का प्रभाव पड़ा है लेकिन निराश होने की बात नहीं है। यह समय की चुनौती है जिसे सभी को स्वीकार कर लेना चाहिए। इससे बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी तो अच्छा काम होगा।
बढ़ी कपड़ों की बिक्री
कपड़ों के विक्रेता संजय मोदी का कहना है कि अलवर में पिछले दिनों व्यापार थम गया था लेकिन अब दीवाली से यह फिर चलने लगा है। दीवाली सभी के घरों में खुशियां लाता है। इस बार कपड़ों की बिक्री में तेजी आई है। लोग जमकर खरीददारी कर रहे हैं।
Published on:
22 Oct 2019 05:17 pm
बड़ी खबरें
View Allअलवर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
