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राजीव गांधी अस्पताल के अधीक्षक ने कहा- हमारे पास इतने संसाधन नहीं, मरीज बढ़े तो कैसे सभी का इलाज करेंगे, हाथ जोड़ता हूं बस घर पर ही रहे

कोरोना के मामले बढ़ने के साथ मरीजों की संख्या भी बढ़ती जा रही है। चिकित्सकों का कहना है कि सभी घर पर रहें।

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अलवर

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Lubhavan Joshi

May 03, 2021

Doctors Requesting People To Stay Home Due To Corona Danger

राजीव गांधी अस्पताल के अधीक्षक ने कहा- हमारे पास इतने संसाधन नहीं, मरीज बढ़े तो कैसे सभी का इलाज करेंगे, हाथ जोड़ता हूं बस घर पर ही रहे

अलवर. कोरोना बीमारी ने हर किसी मरीज के मन में मौत का डर बैठा दिया है, लेकिन यह सही नहीं है। कोरोना के हर मरीज की मौत नहीं होती है। इस बीमारी में सही होने के लिए ज्यादातर मरीजों के मन में यह डर बैठ गया है कि रेमडेसिविर इंजेक्शन लगने से वह बच जाएगा। यह बात गलत है। इसी के चलते इस इंजेक्शन को लेकर मारा मारी मची हुई है परिजन इस इंजेक्शन के नाम पर लूट रहे हैं। बाजारों से महंगे दामों से यह इंजेक्शन खरीदा जा रहा है। जो गलत है। रेमडेसिविर कोरोना बीमारी का रामबाण इलाज नहीं है। सभी मरीजों को इसकी जरुरत नहीं होती है। यह कहना है राजीव गांधी सामान्य चिकित्सासलय के पीएमओ डॉ. सुनील चौहान का।

उन्होंने पत्रिका से बातचीत में कहा कि सामान्य लक्षणों वाले मरीजों ंको यह इंजेक्शन नहीं लगाया जाता है। वे चिकित्सक की सही देखभाल व इलाज के साथ ही ठीक हो जाते हैं। बीमार मरीज का ऑक्सीजन लेवल जब सामान्य से करीब 92 प्रतिशत के लगभग हो तभी इसकी जरूरत होती है। इसलिए इसके लिए परेशान होने की जरुरत नहीं है।

हमारे पास इतने साधन नहीं-

पीएमओ के अनुसार कोरोना के बाद पिछले एक साल में चिकित्सा के क्षेत्र में बहुत विकास हुआ है हमारे पास संसाधन बढ़े हैं। चिकित्सा सुविधाएं बढ़ी है लेकिन यदि हम लापरवाही करेंगे तो इसका नुकसान हमको ही होगा। यदि सभी बीमार हो जाएंगे तो इतने साधन जुटाना मुश्किल है। हमारा पूरा प्रयास है कि मरीजों को बैड मिले, ऑक्सीजन मिले, वेंटीलेटर मिले। लेकिन अलवर की 40 लाख की आबादी के अनुसार संसाधन जुटाना मुश्किल है। इसलिए अपने आपको सुरक्षित रखें और सकारात्मक सोच रखें , बीमारी के नाम पर डरें नहीं। लक्षण नजर आने पर चिकित्सक को दिखाएं, यदि इलाज में देर करते हैं तो बीमारी बढ़ जाएगी।इन दिनों मंदिर बंद है, मंदिरों में दान देने वाले दानदाता व भामाशाह अब चिकित्सालयों में मरीजों के लिए साधन उपलब्ध कराए क्योंकि चिकित्सालय भी इन दिनों मंदिरों के भगवान की तरह लोगों को जीवनदान दे रहे हैं। यहां साधन व सुविधाएं बढेग़ी तो मरीजों को सहायता मिलेगी। हमारे चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल स्टाफ व अन्य लोग बिना अवकाश लिए लोगों का इलाज कर रहे हैं।