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गहराने लगा पेयजल संकट, गर्मी शुरू होने से पहले सूख रहे कंठ

शहर में गर्मी आने से पहले ही पेयजल समस्या गहराने लगी है। अभी फरवरी में ही शहर के लगभग सभी पुराने मोहल्लों में पेयजल किल्लत से लोग परेशान हैं। जलदाय विभाग के अनुसार शहर की आबादी करीब 4 लाख 15 हजार 579 है। वहीं, एनसीआर के नियमों के अनुसार शहर में रोजाना करीब 561 लाख लीटर पानी की जरुरत है। जबकि वर्तमान में आमजन को रोजाना 261 लाख लीटर पानी कम मिल रहा है। यानि 300 लाख लीटर पानी की ही सप्लाई दी जा रही है। ऐसे में आगामी दिनों में तेज गर्मी पड़ने पर शहर में भीषण जल संकट की स्थिति पैदा हो सकती है।

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अलवर

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jitendra kumar

Feb 11, 2024

गहराने लगा पेयजल संकट, गर्मी शुरू होने से पहले सूख रहे कंठ

गहराने लगा पेयजल संकट, गर्मी शुरू होने से पहले सूख रहे कंठ

शहर में गर्मी आने से पहले ही पेयजल समस्या गहराने लगी है। अभी फरवरी में ही शहर के लगभग सभी पुराने मोहल्लों में पेयजल किल्लत से लोग परेशान हैं। जलदाय विभाग के अनुसार शहर की आबादी करीब 4 लाख 15 हजार 579 है। वहीं, एनसीआर के नियमों के अनुसार शहर में रोजाना करीब 561 लाख लीटर पानी की जरुरत है। जबकि वर्तमान में आमजन को रोजाना 261 लाख लीटर पानी कम मिल रहा है। यानि 300 लाख लीटर पानी की ही सप्लाई दी जा रही है। ऐसे में आगामी दिनों में तेज गर्मी पड़ने पर शहर में भीषण जल संकट की स्थिति पैदा हो सकती है।

एकांतर सप्लाई फिर भी पेयजल किल्लत: अलवर शहर में जलदाय विभाग के 69 उच्च और 2 स्वच्छ जलाशय है। इसके हिसाब से विभाग ने शहर को पेयजल सप्लाई के लिए 59 जोन में बांटा हुआ है। इन सभी जोन में एकांतर दिवस के हिसाब से पेजयल सप्लाई दी जा रही है। यानि कि एक दिन छोड़कर दूसरे पेयजल सप्लाई दी जा रही है। फिर भी शहर में पानी की किल्लत बनी हुई है। वहीं, कुछ इलाकों में नलकूपों से सीधे बूस्टिंग कर पेजयल सप्लाई दी जा रही है।

इन क्षेत्रों में पेयजल संकट अधिक: वैसे तो पूरे शहर में ही पानी की समस्या है, लेकिन खासतौर से पुराने मोहल्ले के लोग पेयजल समस्या से अधिक त्रस्त हैं। इसमें होली ऊपर मोहल्ला, हरबक्स का मोहल्ला, लादिया मोहल्ला, अखैपुरा लालखान, चमेली बाग, पहाड़गंज, धोबीघट्टा, सोनावा डूंगरी, चेतन एन्क्लेव, मरेठियाबास, नवाबपुरा मोहल्ला, अशोका टाकीज के आसपास, खपटा पाड़ी, भीकम सैयद, बापू बाजार, एनईबी, दाउदपुर, शिवाजी पार्क, बुधविहार, हसनखां मेवात नगर, साहब जोहड़ा, इंदिरा कॉलोनी, नयाबास, स्कीम-10, स्कीम-3, विवेकानंद नगर व काला कुआं सहित कई इलाकों में आमजन पेयजल किल्लत से परेशान हैं।

अभी 12 टैंकर से कर रहे करीब 90 फेरेशहर के सभी पुराने मोहल्लों सहित कई इलाकों में सर्दी में भी पेयजल संकट बना हुआ है। इन क्षेत्रों में जलदाय विभाग की ओर से टैंकरों से जलापूर्ति कराई जा रही है। इसके लिए 12 टैंकर लगाए हुए हैं। जो हर दिन करीब 90 से 95 फेरे लगाकर शहर में पानी की सप्लाई कर रहे हैं। वहीं, आगामी दिनों में तेज गर्मी पड़ने पर स्थिति और भी बिगड़ सकती है।
अलवर शहर में जलदाय विभाग के 326 थ्री-फेज ट्यूबवेल हैं। इसमें मुख्य रूप से शहर की पेयजल सप्लाई बुर्जा, तूलेड़ा और अम्बेडकर नगर पम्प हाउस से दी जाती है, लेकिन भूजल स्तर में आ रही लगातार गिरावट से ट्यूबवेल की क्षमता पर भी विपरीत असर पड़ रहा है। इसके कारण आए दिन किसी ना किसी क्षेत्र की पेजयल सप्लाई बाधित होती रहती है।
गर्मियों में आमजन को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए कंटीजेंसी प्लान बनाया गया है। इसके साथ ही नए ट्यूबवैल आदि के प्रस्ताव तैयार किए गए हैं। शहर की पेयजल समस्या के निराकरण के लिए दीर्घकालिक योजना को लेकर भी प्रयास किए जा रहे हैं। पेयजल को लेकर आमजन को परेशानी नहीं होने दी जाएगी।

ललित करोल, अतिरिक्त मुख्य अभियंता, जलदाय विभाग, अलवर।