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पेपर लीक प्रकरण के सरगना रामकृपाल मीणा की करोड़ों की जमीन ईडी ने कब्जे में ली

पूर्व में की गई जब्ती

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लक्ष्मणगढ़. अलवर. राजस्थान में करीब साढ़े तीन साल पहले हुए रीट पेपर लीक मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ा एक्शन लिया है। ईडी ने इस केस के मुख्य आरोपी रामकृपाल मीणा की संपत्ति पर कब्जा कर लिया है। अलवर जिले की लक्ष्मणगढ़ तहसील के खोहरा गांव में रामकृपाल मीणा की 1.13 हेक्टेयर जमीन पर ईडी के अधिकारियों ने कब्जे की प्रक्रिया पूरी कर नोटिस बोर्ड लगा दिया है। इस जमीन की कीमत डीएलसी दर के हिसाब से 1.23 करोड़ है, लेकिन बाजार में इसका मूल्य 10 करोड़ से ज्यादा बताया जा रहा है। यह कार्रवाई पीएमएलए एक्ट के तहत की गई है। पेपर लीक मामले में जितनी भी संपत्तियां अबतक अटैच या कब्जे में ली हैं, वे ब्लैक मनी से खरीदी गई संपत्तियां हैं। जानकारी के अनुसार मंगलवार को ईडी के असिस्टेंट डायरेक्टर मोहित कौशिक के नेतृत्व में एक टीम पुलिस जाप्ते के साथ खोहरा गांव पहुंची। इस टीम ने यहां के पटवारी से आरोपी रामकृपाल की जमीन का रिकॉर्ड लेकर उसकी जमीन पर नोटिस बोर्ड लगाया। नोटिस बोर्ड में कृषि भूमि को जब्त करने के कारण भी बताए गए हैं।

----पूर्व में की गई जब्ती

ईडी ने सितंबर 2024 में इस केस के मुख्य आरोपी रामकृपाल मीणा और प्रदीप पाराशर के चार बैंक खातों में जमा 10,89,259 रुपए जब्त किए थे। इसके अलावा फरवरी 2022 में मीणा के जयपुर में गोपालपुरा बाइपास स्थित स्कूल व कॉलेज की तीन मंजिला बिल्डिंग को भी जेडीए ने कार्रवाई पर गिरा दिया था। इस मामले में मुख्य आरोपियों सहित 131 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। ईडी की कार्रवाई अभी जारी है।